संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णय

टाटा का सिंगूर में भूमि अधिग्रहण रद्द : दस साल बाद मिलेगी किसानों को जमीन

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि भूस्वामियों को मिला मुआवजा सरकार को नहीं लौटाया जाएगा, क्योंकि उन्होंने जमीन का दस…

जून 2013 की श्रीनगर आपदा के लिए जी.वी.के. कंपनी जिम्मेदार एनजीटी ने लगाया नौ…

उत्तराखण्ड में जून 2013 की त्रासदी के लिये राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने जी.वी.के. कंपनी जिसने श्रीनगर बांध…

श्री श्री यमुना विवाद : नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूलन के इतिहास में ऐसी दबंगई पहली बार

नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूलन (एनजीटी) के आदेश की अवमानना करना इस देश में कोई नई परिघटना नहीं है। अब तक न जाने कितने शासन-प्रशासन से लेकर निजी कंपनियों के उदाहरण हैं जहां एनजीटी के आदेशों की अवहेलना की गई है या फिर उनके पालन में कोताही बरती गई है। किंतु मार्च 2016 में श्री श्री रविशंकर द्वारा किए गए विश्व सांस्कृतिक उत्सव ने सारी हदें तोड़ दीं। नैशनल…
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एनजीटी ने जेपी समूह को दी गई 2500 एकड़ वनभूमि का अधिग्रहण रद्द किया

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में वन भूमि हस्तांतरण मामले में प्रदेश की अखिलेश सरकार के बाद राष्ट्रीय हरित अधिकरण…

ग्रीनपीस को मिली मद्रास हाईकोर्ट से राहत, एफसीआरए रद्द होने के मामले में गृह…

चेन्नई। 16 सितंबर 2015। आज भारतीय न्यायालय ने ग्रीनपीस को केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अनुचित कार्यवायी से पांचवी बार…

मध्य प्रदेश शासन का आदेश : पांच वर्ष से भौतिक कब्ज़ा न किए जाने की दशा में भू-अर्जन निरस्त

ओम्कारेश्वर व् अपर बेदा बांध के हजारों प्रभावित लाभान्वित होंगे मध्य प्रदेश सरकार ने नए भू-अर्जन कानून के सम्बन्ध में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है जिसमें स्पष्ट किया गया है कि जहाँ भू-अर्जन की प्रक्रिया को 5 वर्ष से अधिक समय बीत चुका हैं और भौतिक कब्ज़ा अभी तक नहीं लिया गया है वहाँ भू-अर्जन की कार्रवाई व्यपगत/निरस्त मानी जाएगी और यदि सरकार चाहे…
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सर्वोच्च न्यायलय : इंदिरा सागर बांध में बिना पुनर्वास के पानी भरने पर सरकार को…

न्यायलय के आदेशों का उल्लंघन कर लायी गई थी डूब! डूब के खिलाफ हुआ था जगह जगह जल सत्याग्रह!! गुजरी 4 जनवरी को…

जेपी कंपनी को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की मिली सबसे बड़ी सजा

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने 4 मई 2012 को एक महत्वपूर्ण फैसले में जेपी कंपनी के बघेरी (नालागढ़) स्थित थर्मल पॉवर…

जे.पी. थर्मल प्लांट बघेरी पर 100 करोड़ का जुर्माना

हिमाचल हाईकोर्ट ने जेपी एसोसिएट्स के बघेरी थर्मल संयंत्र पर एक अभूतपूर्व निर्णय दे कर यह आभास कराया है कि प्रदेश में संसाधनों की कॉरपोरेट लूट मची है और इस काम में यहां के राजनेता-अधिकारी बेशर्मी से शामिल हैं। हाईकोर्ट ने दूसरी बार इस परियोजना को वर्तमान मंत्रिमंडल से मिली मंजूरी पर भी सवाल उठाया। यह भी पिछले कुछ वर्षों में पहली बार हुआ है कि किसी…
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