संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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तमिलनाडु

8,856 देशद्रोही : तमिलनाडू का एक ऐसा गांव जिसका हर निवासी जी रहा है देशद्रोह के साए में; भाग तीन

13 सितम्बर 2016 से हमने संघर्ष संवाद पर एक ऐसे गांव की कहानी शुरु की थी जिसके 8,856 ग्रामीण अपने गांव में परमाणु संयंत्र के खिलाफ विरोध करने के एवज में पिछले पांच साल से देशद्रोह का मुकदमा झेल रहे हैं। पढ़िए रिपोर्ट का तीसरा भाग; पहला भाग यहाँ पढ़े दूसरा भाग यहाँ पढ़े सितंबर 2012 में देशद्रोह के 6 मामले सितंबर 10 कितने लोगों पर मामला दर्ज हुआ:…
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8,856 देशद्रोही : तमिलनाडू का एक ऐसा गांव जिसका हर निवासी जी रहा है देशद्रोह के…

सितंबर 2012 में आंदोलन की एक तस्वीर 13 सितम्बर 2016 से हमने संघर्ष संवाद पर एक ऐसे गांव की कहानी शुरु…

8,856 देशद्रोही : तमिलनाडू का एक ऐसा गांव जिसका हर निवासी जी रहा है देशद्रोह के…

तमिलनाडु के कूडनकुलम में 8,856 से अधिक लोग देशद्रोह और भारतीय राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसे मुकदमों में फंसाए गए…

ग्रीनपीस को मिली मद्रास हाईकोर्ट से राहत, एफसीआरए रद्द होने के मामले में गृह मंत्रालय के फैसले पर अंतरिम रोक

चेन्नई। 16 सितंबर 2015। आज भारतीय न्यायालय ने ग्रीनपीस को केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अनुचित कार्यवायी से पांचवी बार सुरक्षा दिया है। मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश एम एम सुन्दरेश ने ग्रीनपीस को अंतरिम राहत देते हुए ग्रीनपीस के एफसीआरए को रद्द किये जाने के निर्णय पर आठ हफ्ते तक की रोक लगा दी है। उन्होंने संस्था के वकील को गृह मंत्रालय को नोटिस भेजने का…
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समुद्र, तटों, अंतरदेशीय जल निकायों तथा मछली के स्रोतों की सुरक्षा के नारे के साथ…

दोस्तों, मतस्य उद्योग के बढ़ते सकंट के साथ-साथ समुद्र तथा उसके तटों से पारंपरिक मछुवारों को हटाया जा रहा है।…

‘परमाणु-मुक्त भारत’ के लिए राष्ट्रीय अभियान : कन्याकुमारी से कश्मीर…

हमारी प्रकृति और भविष्य को बचाने का संघर्ष हम शुरुआत में ही यह स्पष्ट कर दें कि हम अपने सभी देशवासियों, खासकर…

कूडनकुलम सम्मेलन : परमाणु विरोधी आंदोलन की आवाज़ बुलंद

तमिलनाडु के कूडनकुलम में 4-5 जनवरी 2014 को देश भर के परमाणु संयंत्र विरोधी कार्यकर्ता ओर लोकतांत्रिक समाजकर्मी इकठ्ठा हुए और उन्होंने विदेशी कॉर्पोरेट के लिए देश के साधारण ग्रामीणों और मछुआरों की ज़िन्दगी से खिलवाड़ बंद करने की मांग की. इस राष्ट्रीय सम्मेलन में परमाणु विरोधी आंदोलनों को तेज करने का आह्वान किया गया. पेश है कूडनकुलम सम्मेलन…
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कुडनकुलम: सर्वोच्च न्यायालय में जनता की अवमानना

अपने हक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे देश के लोगों का इस तरह के मामलों में सर्वोच्च न्यायालय से गुहार लगाना निर्थक…

कुडनकुलम पर कोर्ट का फैसला: जनता की अवमानना

सर्वोच्च न्यायालय ने तमिलनाडु के कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लान्ट से जुड़ी याचिका को खारिज करते हुये इसे हरी झण्डी दे…

फुकुशिमा से आंख चुराता भारत

फुकुशिमा की दूसरी बरसी पर दुनियाभर में परमाणु उर्जा के सुरक्षित स्वरूप को लेकर बहस चली। इस बीच कुडनकुलम संयंत्र को ठंडा करने वाले संयंत्र के पुनः बिगड़ जाने से परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा पर पुनः प्रश्न चिन्ह लग गया है। मगर भारत वास्तविकता से मुंह फेरकर रट्टू तोते की तरह इसके प्रारंभ होने की बार-बार घोषणा करता जा रहा है। पिछले 18 महीनों में 16 बार…
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