नवलगढ़ के किसान आंदोलन में विभिन्न ताकतों की भूमिका पर रपट
- एक आदमी बैंक में लाख रुपये जमा कराने जा रहा हो, कुछ लम्पट बदमाशों को पता चल गया और उन्होंने योजना बना ली कि इससे रुपये छीनने हैं, चाहे कोई उपाय किया जाये। क्या यह उचित है ?
- एक सुन्दर लड़की रास्ते जा रही है कुछ लम्पट बदमाश उसके शील भंग करने के लिए उतारू होकर कोई भी उपाय करने को तैयार हैं। क्या यह न्यायोचित है ?
- और सबसे बड़ी बात है उपरोक्त के साथ पुलिस और न्याय व्यवस्था भी आंख बन्द कर ले तो क्या यह अच्छी बात है ? आम लोगों को नहीं पता पर भुक्तभोगी इसे अच्छी तरह जानते हैं।
ये बात जमीन के लिए भी उतनी ही सच है जितनी उपरोक्त बातों के लिए खिरोड़, मूनवाड़ी, बेरी, तारपुरा, बसावा, खोजावास, टौंकछिलरी, भोजनगर, सुरजनपुरा, डालाणा, भूरियो की ढाणी, परसरामपुरा, देवगाँव, गोइड़ा, कालेरावणां की ढाणी, खेदड़ां की ढाणी, खेसवां की ढाणी, चौढाणी, महंत की ढाणी व भाखरिया की ढाणी के लिए।
- नवलगढ़ झुन्झुनू जिले का सबसे बड़ी आबादी वाला कस्बा है जिसकी आबादी करीब डेढ़ लाख है। इसकी दूरी ग्रासिम सीमेन्ट प्लांट से 6 किमी है।
- एक ड्राई रिवर है जो 4 किमी है जिस के सहारे लोहार्गल जैसा पवित्र स्थल है जिस पर करोड़ों लोग मेले पर आते हैं। इनकी सुरम्य पहाड़ियों में पेड़, फूल, जड़ी-बूंटियां और पहाड़ी लोगों का बसर होता है।
- उत्तर-पश्चिम हवाओं के कारण चिराण उदयपुरवाटी, डहर छापोली तक का इलाका कारखानों की राख व जहरीली गैसों के असर में आने वाला है।
- उपरोक्त पर्यावरणीय प्रभावों से नवलगढ़ से लोहार्गल चिराणा तक, कारखानों की शुरूआत के 2 वर्ष के भीतर करीब-करीब सभी घरों में श्वांस रोगी, करीब 5 में से एक घर में टीबी मरीज, करीब 50 में एक घर में कैंसर रोगी व 100 घरों में एक घर में असाध्य रोगी होंगे।