पोस्को और राज्य सत्ता को कड़ी टक्कर देते ग्रामीण
गुजरी 16 फरवरी, 2014 को उड़ीसा के जगतसिंगपुर के नुआगांव के स्थानीय लोगों ने पोस्को के विरोध में एक बड़ी कार्यवाही करते हुए पॉस्को के लिए बनाई गई 180 मीटर की गैर कानूनी दीवार को गिरा दिया हैं। पॉस्को ने इस दीवार का निर्माण करते समय ग्रामीणों के विरोध के बावजूद उस केस को भी नजरअंदाज किया था जो कि नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल में दर्ज था, ग्रीमीणों ने नुआगांव स्थित पॉस्को के जनसंपर्क कैंप कार्यालय और आईडीसीओ के कार्यालय को भी ध्वस्त कर दिया हैं। नुआगांव के बाहर एक बांस का द्वार खड़ा
कर किसी बाहरी व्यक्ति के प्रेवश पर रोक लगा
दी गई है। पेश है पॉस्को प्रतिरोध संग्राम समिति की विज्ञप्ति;
आपको यह जानकर हर्ष होगा कि दिनांक 16 फरवरी, 2014 को एक गैर मामूली सुखद घटना घटित हुई है। नुआगांव के लोग जो पॉस्को द्वारा अपनी समृद्ध पान की बेलों की बरबादी के कारण दुखी अपमानित और खिन्न महसूस कर रहे थे ने पॉस्को विरोधी संघर्ष के तहत अब पॉस्को के लिए बनाई गई 180 मीटर की गैर कानूनी दीवार को गिराने का निर्णय लिया हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि पॉस्को ने इस दीवार का निर्माण करते समय उस केस को भी नजरअंदाज किया था जो कि नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल में दर्ज है। ग्रीमीणों ने नुआगांव स्थित पॉस्को के जनसंपर्क कैंप कार्यालय और आईडीसीओ के कार्यालय को भी ध्वस्त कर दिया।
आपको यह जानने की भी आवश्यकता है कि कारपोरेट्स की सामामजिक जिम्मेदारी के नाम पर पॉस्को की ओर से किए गए वादों को पूरा करने की कवायद फिर शुरू हो गई है। यह पॉस्को की रणनीति का हिस्सा है जिसके द्वारा नुआगांव के लोगों को फुसलाने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ गांववाले पॉस्को के कोरे वादों के बिछाए गए इस जाल में फंस भी गए थे जिन्हें कंपनी द्वारा दिगभ्रमित किया गया। अब यह लोग महसूस कर रहे हैं कि पॉस्को का एक सूत्रीय एजेंडा यह है कि कंपनी उनकी उपजाउ भूमि पर अपना कब्जा जमाकर वहां दीवार बना सके। इसके साथ ही कंपनी के लिए काम करने वाले कुछ लड़के क्षेत्र की शांति और भाईचारे की राह में बाधा उत्पन्न करने और लोगों को बहकाने का काम भी कर रहे हैं।
हमें आशंका है कि पॉस्को प्रबंधन और पुलिस यह योजना बना सकते हैं कि किसी तरह लोगों को आपस में बांट दिया जाए। वे यह योजना भी बना सकते हैं कि पॉस्को विराधी संधर्ष से जुड़े कुछ प्रमुख चेहरों को भी झूठे आरोप लगाकर अंदर कर दिया जाए चाहे वे घटना के समय मौजूद थे या नहीं। हम उन्हें चेतावनी देते हैं कि उन्हें अपनी इस साजिश में कभी कामयाब नहीं होंगे। इसके बावजूद मैं आपको यह विश्वास दिलाता हूं कि गांव वाले इस बात को लेकर दृढ़ संकल्प हैं कि पॉस्को के किसी जाल में नहीं फंसेंगे और न ही पॉस्को को अपने गांव में आने देंगे। इन सभी को आपके सहयोग और समर्थन की आवश्यकता है ताकि पॉस्को के खिलाफ एकजुट होकर शांतिपूर्वक संघर्ष को जारी रखा जा सके।
प्रशांत पैकरे
प्रवक्ता,
पॉस्को प्रतिरोध संग्राम समिति,
मो- 09437571547