संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

मध्यप्रदेश: संविधान बनाम खनन-पचामा दादर में पर्यावरणीय न्याय की परीक्षा

मध्यप्रदेश के जिला बालाघाट स्थित पचामा दादर बॉक्साइट ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया वर्ष 2023 में प्रारंभ की गई थी। प्रस्तावित बाॅक्साइट खनन परियोजना हेतु प्रस्तुत पर्यावरण प्रभाव आकलन रिपोर्ट में प्राथमिक बेसलाइन डेटा केवल दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 तक की अवधि का ही संकलित किया गया है, जो कि पर्यावरणीय आकलन के स्थापित मानकों एवं दिशा निर्देशों के अनुरूप…
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प्राकृतिक संसाधनों की लूट को रोकना-धरती आबा बिरसा मुंडा को सच्ची श्रद्धांजलि

धरती आबा बिरसा मुंडा के समय अंग्रेजों ने आदिवासी कृषि व्यवस्था को सामंती राज्य में बदलने की प्रक्रिया को तेज़ कर…

मध्य प्रदेश : बसनिया बांध की वापसी

कुछ साल पहले कतिपय बांधों को निरस्त कर देने की मध्यप्रदेश सरकार की घोषणा ने नर्मदा घाटी के रहवासियों को राहत दी थी,…

परमाणु ऊर्जा में विदेशी पैसा

डेढ़ दशक पहले अमरीका के साथ होने वाले जिस परमाणु समझौते को लेकर तब की मनमोहन सिंह सरकर गिरने-गिरने को हो गई थी, आज वही परमाणु ऊर्जा खुल्लम-खुल्ला धंधे में उतर आई हैं। दुनियाभर में गरियाई जा रही यह ऊर्जा भारत की सरकार को लुभा रही है। क्या हैं, इसके निहितार्थ? प्रस्तुत है, इसकी पड़ताल करता राज कुमार सिन्हा का यह लेख; केन्द्र सरकार ‘परमाणु ऊर्जा…
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मध्य प्रदेश : ‘पेसा कानून’ के बरक्स बसनिया बांध

आज के विकास की मारामार में सरकारें और कंपनियां उन कानूनों तक को अनदेखा कर रही हैं जिन्हें बाकायदा संसद में पारित…

मध्य प्रदेश : पेसा नियमों को लेकर 26 साल बाद भी आदिवासियों के सामने असमंजस की स्थिति बरकरार

मध्य प्रदेश सरकार राज्य पेसा नियम बनाने को लेकर कितनी गंभीर है, इसका पता 27 अगस्त 2022 के दैनिक भास्कर में छपी खबर से चलता है कि “मध्य प्रदेश के गवर्नर गंगू भाई पटेल के जनजातीय सेल ने पेसा एक्ट (पंचायत एक्सटेंशन टो शेड्यूल्ड एरियाज) का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। साथ ही इसे विभागों को भेजा, ताकि पेसा एक्ट के तहत बनने वाली ग्राम सभाओं के अधिकार तय हो…
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पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों के राज्यपालों को गृह मंत्रालय का दिशा-निर्देश

दिल्ली 26 मई 2022। पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों (राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, उड़ीसा, गुजरात,…

नर्मदा जल के अंतहीन दोहन से बचेगी नर्मदा?

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रामनवमी के अवसर पर चित्रकूट में घोषणा किया कि नर्मदा से जोड़कर मंदाकिनी नदी को सदानीरा बनाएंगे। ज्ञात हो कि इसके पहले नर्मदा से पानी लाकर क्षिप्रा, कालिसिंध, मालवा-गंभीर और पार्वती लिंक परियोजनाओ से पुनर्जीवित करने का कार्य जारी है। जबकि नर्मदा चंबल, नर्मदा माही, नर्मदा मांडू और नर्मदा ताप्ती योजना प्रस्तावित है। इसमें…
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