संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

पहले जमीन छीन के बांध बनाया, अब पानी और मछली से भी किया वंचित

ग्राम भूला मोहगांव के मछुआरे जिनके घर पूरी तरह से डूब गये है। इनकी रोजी रोटी का एक मात्र सहारा पेंच नदी में मछली आखेट करना तथा रेत खेती करना था, किन्तु मध्यप्रदेश सरकार ने मांचागोरा बाँध बनाकर मछुआरों से उनके रोजगार छीन लिये तथा सिवनी के ठेकेदार नीतिश कुमार कश्यप पिता गंगाचरण कश्यप, निवासी बन्डोल, तह. जिला सिवनी को दे दिया। नीतिश कुमार कश्यप…
और पढ़े...

उत्तराखण्ड : देवाल कस्बे ने एकजुटता के साथ उठाई आवाज पिंडर को अविरल बहने दो, हमें…

उत्तराखण्ड के पिंडर घाटी में पिछले दस सालों से पिंडर नदी पर बन रहे बांध के विरोध में चल रहे आंदोलन में 26 मार्च…

मारूती मजदूरों को आजीवन कारावास : ‘न्याय’ पर एक टिप्पणी

-पंकज त्यागी, वकील और मानवाधिकार संगठन कार्यकर्ता न्याय का अर्थ आमतौर पर अन्याय से मुक्ति के रूप में लिया जाता है। लेकिन न्याय करने वाला भी एक पक्ष होता है। महान कथाकार प्रेमचंद ने इस पक्ष को पंच परमेश्वर बताया था। लेकिन आज की राजसत्ता यह पंच परमेश्वर हो, यह जरूरी नहीं है। यदि हम दलित, आदिवासी, मुसलमान और आम लोगों की जेलबंदी और सजा को देखें तो…
और पढ़े...

हाइकोर्ट ने 2012 में करछना भूमि अधिग्रहण रद्द कर दिया परंतु सरकार अभी भी लगी है जमीन हड़पने के खेल में !

13 मार्च 2018 को किसान कल्याण संघर्ष समिति करछना एवं जन संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले इलाहबाद जिले के करछना में राज्य दमन और जबरन भूमि अधिग्रहण के विरोध में राज्यस्तरीय सम्मेलन आयोजित किया। ज्ञात रहे कि करछना के किसान पिछले 2010 से जेपी पॉवर प्लांट के भूमि अधिग्रहण के विरोध में संघर्ष कर रहे है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 13 अप्रैल 2012 को…
और पढ़े...

नासिक से मुंबई तक गूंज रही कर्ज मुक्ति की किसान गर्जना

पूरे देश में उठ रही किसान विद्रोहों की लहर अब देश की औद्योगिक राजधानी तक पहुंचने वाली है। 6 मार्च 2018 को नासिक से शाम 6 बजे शुरु हुई 50000 किसानों की लंबी यात्रा। कृषि में आए संकट तथा किसानों की कर्ज मुक्ति को लेकर शुरु हुई यह यात्रा 200 किलोमीटर का पैदल सफर तय करके 12 मार्च को मुबंई पहुंचेगी जहां यह किसान विधान सभा घेराव का प्रयास करेंगे। हजारों…
और पढ़े...