संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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किसान आंदोलन

बताव ए साहेब किसान काहे मरता

भारतीय किसान आसमानी विपदा और सरकारी बेरुखी का एक साथ शिकार बन गया है। मौसम किसानों के लिए कहर बनकर बरपा है। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार भूमि अधिकार कानून (संशोधन) विधेयक को पारित कराने और राज्य सरकारे कृषि साीलिंग कानून को छिन्न भिन्न करने में जुट गई है। चक्की के पाट में पिस रहे किसान को अब फाँसी का फंदा शायद अधिक आकर्षित कर रहा है। किसानों की…
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प्रदेश में गहराए कृषि संकट पर आपातकाल घोषित करे अखिलेश सरकार : रिहाई मंच

किसानों को 50-100 रुपए के चेक देकर जले पर नमक छिड़क रही है प्रदेश सरकार विकासपिता मोदी और धरतीपुत्र मुलायम किसानों को कारपोरेट की हित में ठकेल रहे हैं आत्महत्या की ओर लखनऊ 13 अपै्रल 2015। प्रदेश में लगातार हो रही बेमौसम बारिश से फसलों की बर्बादी के बाद किसानों की आत्महत्या व उसके निपटने में सूबे की सरकार की नीतिगत व संस्थागत …
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किसानों के हित मे संघर्ष जारी रहेगा : मुलताई किसान घोषणा-पत्र 2015

प्रस्ताव किसान संघर्ष समिति द्वारा आयोजित 17वां शहीद किसान स्मृति सम्मेलन 12 जनवरी 1998 को शहीद हुए 24 किसान साथियों को भावभीनी श्रद्धांजलि देता है। सम्मेलन शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुए किसानों को हक और सम्मान के संघर्ष को अनवरत जारी रखने का संकल्प लेता है। शहीद किसानों की याद में शहीद स्तंभ के निर्माण के लिए अब तक प्रदेश सरकार द्वारा…
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मुलताई किसान आंदोलन ने बदला मेरे जीवन का रुख : डॉ सुनीलम

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई तहसील के सामने 12 जनवरी 1998 को लगातार फसले खराब होने के कारण मुआवजा मॉंग…

बिजली का बिल न भरने पर पंचायत चुनाव लड़ने से रोका जाना असंवैधानिक – डॉ. सुनीलम

7 बिरुल, 10 जौलखेडा, 11 परमंडल में होगी “एक शाम शहीदों के नाम” सांस्कृतिक कार्यक्रम मध्य प्रदेश के मुलताई में…

भू-अधिग्रहण अध्यादेश को रद्द कराने के लिए देश भर में होगा किसान आंदोलन : डॉ सुनीलम

भूमि अधिग्रहण का अध्यादेश भाजपा का किसानों के प्रति रुख को साफ़ करता है ! अध्यादेश की प्रति मिलते ही यह बिलकुल साफ़ हो गया है कि जितना हमने सोचा था, यह अध्यादेश उससे भी ज्यादा दमनकारी और किसानों के हितों के विरुद्ध है और भाजपा के कोर्पोरती चरित्र को जाहिर करता है; इससे पहले निजी उद्देशों के लिए किया जाने वाला अधिग्रहणए कंपनी अधिनियम के तहत…
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