.
जल विधुत परियोजना विरोधी आंदोलन
जडेरा माईक्रो हाईडल प्रोजेक्ट के खिलाफ आन्दोलन
ग्राम पंचायत जडेरा हिमाचल प्रदेश के जिला चम्बा रावी नदी की सहायक नदी साल नदी के साथ होल नाला पर प्रस्तावित माइक्रो हाईडल पॉवर प्रोजेक्ट के विरोध में वहां की स्थानीय जनता पिछले 8-10 सालों से लामबन्द है। स्थानीय जनता इस पॉवर प्रोजेक्ट का इसलिए विरोध कर रही है कि इस नाले के आसपास के गांव में न तो पीने के पानी का विकल्प है और न ही सिंचाई के लिए,…
और पढ़े...
हरिपुर नाला लघु जल विद्युत् परियोजना में हुई अनियमितताओं की जॉच होगी
हरिपुर नाला लघु जल विद्युत् परियोजना 1.5 मेगावॉट पर हिमाचल हाई कोर्ट की राजीव शर्मा की खण्ड पीठ ने सात…
लुहरी परियोजना के विरोध में जनसभा
लुहरी जल विद्युत परियोजना की दोहरी सुरंगें लाएंगी प्रदेश में विनाश
सतलुज बचाओ जन संघर्ष समिति,…
तीखे विरोध के चलते प्रशासन को स्थगित करनी पड़ी जनसुनवाई
सतलुज जल विद्युत निगम के महत्वाकांक्षी लुहरी प्रोजेक्ट को स्थानीय लोगों के घनघोर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। प्रस्तावित लुहरी हाइड्रो-इलेक्ट्रिकल संयंत्र 775 मेगावाट का है और इस यंत्र में विश्व बैंक का पैसा भी लगा है।
हिमाचल प्रदेश राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रस्तावित संयंत्र से प्रभावित होने वाले लोगों के लिए 5, 6, 7 मई, 2011 को…
और पढ़े...
जल विद्युत परियोजनाओं के विरुद्ध संघंर्ष जारी, प्रदर्शन कर आन्दोलनकारियों की…
उच्च न्यायालय के फैसले से मिला संबल
अन्ततः उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने टिहरी जिले की घनशाली तहसील में भिलंगना…
पॉवर प्लांट से विस्थापित एक गांव की कहानी
मुआवजा मिल गया, खर्च भी हो गया अब क्या करें ?
टिहरी गढ़वाल जनपद के मुनेठ गांव की हकीकत विस्थापन की त्रासदी और…
पर्यावरण, नदी, पहाड़ बचाने का संकल्प : विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को रैली एवं जनसभा का आयोजन
जब पहाड़ टूटता है-तब सिर्फ मिट्टी, पत्थर-कंकड़, बालू, पेड़-पौधे ही नहीं गिरते हैं वरन नष्ट होता है वहां का समाज, उस समाज की भाषा-संस्कृति, पहचान, उस इलाके का इतिहास, पर्यावरण, नदी-झरने। पहाड़ों के विलीन होते ही, उस इलाके की सामाजिक एकता-सामूहिकता के साथ प्रकृतिकमूलक सभ्यता और संस्कृति भी विलीन हो जाती है। और यहीं से शुरू होता है-प्राकृतिक आपदाओं का…
और पढ़े...