.
उत्तर प्रदेश
यह साम्प्रदायिक नहीं, हिंदूवादियों की इकतरफा हिंसा थी
फैजाबाद में हुई हिंसा को लेकर पिछली 18 और 19 नवम्बर को छह सदस्यीय स्वतंत्र जांच दल ने पूरे मामले की छानबीन की। जांच दल में शामिल थे- वरिष्ठ पत्रकार सईद नकवी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय की रंजना कक्कड़, यूपी पीयूसीएल के पूर्व महासचिव ओडी सिंह, स्त्री अधिकार संगठन की पद्मा सिंह, पीडीएसयू के आलोक कुमार और शम्स विकास। जांच दल ने फैजाबाद तथा आसपास के…
और पढ़े...
फैजाबाद हिंसा एकतरफा और प्रयोजित: जाँच दल
उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में दुर्गा पूजा के दिन 24 अक्टूबर 2012 को दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों से उपजे तनाव…
गोरखपुर: किसानों का एलान, जान देगें- जमीन नहीं
भूमि अधिग्रहण का विरोध : पैदल मार्च कर किसानों ने गीडा कार्यालय में जड़ा ताला
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के गीडा…
खेती की ज़मीन का अधिग्रहण जन विरोधी काम
करछना (इलाहाबाद) में जेपी पावर प्लांट प्रस्तावित है। इसके लिए 2010 में 22 सौ बीघा ज़मीन अधिग्रहीत की गयी। सरकार ने ज़मीन का मुआवज़ा बाज़ार दर से दस गुना कम तय किया- कुल तीन लाख रूपये प्रति बीघा जबकि तब ज़मीन का बाज़ार भाव था 30 लाख रूपये प्रति बीघा। इस मुद्दे पर अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा दूसरे संगठनों के साथ मिल कर संघर्षरत है। इस अन्याय के…
और पढ़े...
आतंकवाद के नाम पर मुसलमानों का उत्पीड़न
‘आतंकवाद के नाम पर कैद निर्दोषों के रिहाई मंच’ ने हैदराबाद के अब्दुल रज्जाक मसूद की आत्महत्या का जिम्मेदार खुफिया…
दो बार विस्थापित चिल्कादांड के संघर्ष की दास्तान
चिल्कादांड उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के शक्तिनगर थाणे में पड़ने वाले उन 5 गावों का एक सामूहिक नाम है, जिन्हें…
करछना में किसानों की महापंचायत : जमीन नहीं देने का सकल्प दोहराया
इलाहाबाद के करछना तहसील के दस गाँवों के किसान 22 अगस्त को अपनी खेती की जमीन बचाने और पुलिल दमन के विरोध में सड़क पर उतरे. इन दस गांवो के किसानों की करीब 1800 एकड़ जमीन प्रदेश सरकार ने पॉवर प्लांट दे लिये तीन लाख रूपए प्रति बीघा के हिसाब से अधिग्रहित की थी. किसान शुरू से ही इसका विरोध कर रहे थे. मामला कोर्ट में पंहुचा. 13 अप्रैल 2012 को…
और पढ़े...
जनद्रोही क़ानूनों और राज्य दमन के ख़िलाफ़ लखनऊ में सात दिवसीय साझा दस्तक
इक़बालिया बयान पूरे होशो-हवास में और बिना किसी दबाव के हम एलान करते हैं कि हां, हम भी देशद्रोही हैं और हमें इस पर…
वनाधिकार: नहीं दे पा रहा है आदिवासियों और परम्परागत वन वासियों को संरक्षण
चन्दौली जिले के नौगढ़ विकास खण्ड पर 14 अगस्त 2012 को धरना- मजदूर किसान मोर्चा
सरकार हो या पूंजीवादी ताकते,…
करछना पॉवर प्लांट का भूमि अधिग्रहण रद्द: इलाहाबाद हाई कोर्ट
हाईकोर्ट ने 13 अप्रैल 2012 को करछना में प्रस्तावित जेपी ग्रुप के थर्मल पॉवर प्लांट के लिए भूमि का अधिग्रहण रद्द करते हुए कहा कि किसानों को मुआवजा लौटाना होगा, इसके बाद उनकी जमीनें वापस कर दी जाएं। वहीं बारा पॉवर प्रोजेक्ट के मामले में किसानों की याचिका को खारिज कर दिया। दोनों ही मामलों में भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली अवधेश प्रताप सिंह और…
और पढ़े...