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उत्तर प्रदेश
दुधवा नेशनल पार्क : संगठित लोगों की चेतावनी को प्रशासन ने लिया गंभीरता से, उपजिलाधिकारी ने स्वीकार किए सामुदायिक दावे
24 अगस्त 2016 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा नेशनल पार्क व टाइगर रिज़र्व क्षेत्र में बसे 20 गांवों के आदिवासियों ने प्रशासन को नोटिस भेज कर चेतावनी दी थी कि जब 29 अगस्त 2016 को आदिवासी अपने दावे जमा करने आए तो उन्हें स्वीकार कर लिए जाए कोई आना-कानी नहीं होनी चाहिए. उपजिलाधिकारी ने उपस्थित होकर स्वीकार किये लघुवन संसाधन…
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दुधवा नेशनल पार्क : 20 गांवों के आदिवासियों ने प्रशासन को भेजा चेतावनी नोटिस
24 अगस्त 2016 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा नेशनल पार्क व टाइगर रिज़र्व क्षेत्र में बसे 20 गांवों…
2 सितम्बर मजदूर हड़ताल : भूमि अधिकार आंदोलन का समर्थन का ऐलान; गांधी प्रतिमा, लखनऊ…
भूमि अधिकार आंदोलन देश में मोदी सरकार के भूमि विरोधी नीतियों के खिलाफ एक जनमोर्चा है ने 2 सितम्बर 2016 को इस देश…
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के खिलाफ धरने को 6 माह : किसान नहीं जमीन देने को तैयार
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए जबरन भूमि अधिग्रहण के खिलाफ 25 फ़रवरी 2016 से किसान अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे है. अखिल भारतीय किसान महासभा और किसान संघर्ष परिषद के सयुक्त बैनर तले किसान अपनी जमीन बचने की लड़ाई लड़ रहे है.
स्पेशल इकोनोमिक जोन (विशेष आर्थिक क्षेत्र) की बड़ी विफलता के बाद अब पूंजीवादी समर्थक…
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भूमि की लूट और राज्य दमन के खिलाफ उत्तर प्रदेश के जनसंघर्ष भूमि अधिकार आंदोलन के…
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 12 अगस्त 2016 को गांधी भवन में भूमि अधिकार आंदोलन के बैनर तले एक राज्य स्तरीय…
भूमि अधिकार आंदोलन, उत्तर प्रदेश की बैठक : 12 अगस्त 2016 गाँधी भवन, लखनऊ
साथियों
जैसा की आपको मालूम है की गत 16 से 18 जुलाई 2016 को गुजरात के अहमदाबाद शहर में भूमि अधिकार आंदोलन की…
डाला सीमेंट फैक्ट्री के मजदूर नहीं भुलेगे 2 जून का दमन
शिव दास
सपा प्रमुख मुलायम सिंह पहली बार 5 दिसंबर 1989 को सूबे के मुख्यमंत्री बने और 2 जून 1991 को डाला में सीमेंट फैक्ट्री को बचाने के लिए आंदोलन कर रहे मजदूरों और स्थानीय लोगों पर गोली चला दी गई जिसमें नौ लोगों की हत्या हो गई। 24 जून को उनकी सत्ता गई लेकिन सूबे की सत्ता में काबिज भाजपा के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने मजदूरों के हत्यारों के…
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करछना के किसानों पर कहर जारी : 9 सितम्बर के दमन के बाद गांवों में मेधा पाटेकर का…
पिछले वर्ष 2015 की 9 सितम्बर को उत्तर प्रदेश सरकार ने करछना में किसानों की जमीन हड़पने के लिए क्रूर पुलिसिया…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को 9 माह से मुख्य सचिव की रिपोर्ट का इंतजार : करछना के…
गत वर्ष सितबंर महीने की 9 तारीख को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले में करछना तहसील के कचरी गांव में ‘किसान कल्याण…
अफवाहों से बुंदेलखंड में नाकामी छुपाने की कोशिश
स्वतंत्र पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव ने सूखा, पलायन, भूखमरी और किसानों की आत्महत्या से पस्त बुंदेलखंड से लोट कर यह लम्बी रिपोर्ट लिखी है जिसे हम चार किस्तों में आपसे साझा करेगे. पेश है बुंदेलखंड की जमीनी हालत पर लिखी रिपोर्ट का तीसरा भाग;
पहला भाग यहाँ पढ़े …
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