संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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झारखण्ड

डिमना बांध : टाटा के विरोध में विस्थापितों का जल सत्याग्रह

टाटा कंपनी को कालीमाटी से कोरस तक पहुंचने में डिमना बांध के विस्थापितों का क्या योगदान है, किसी को भी पूछा जाय तो स्पष्ट रूप से जवाब आयेगा कि डिमना बांध विस्थापितों ने टाटा कंपनी के विकास के लिए अपने पूर्वजों के गांव को त्याग कर जमीन दिया। बांध से 12 मौजा जलमग्न हैं। विस्थापित परिवार दलमा के तराई पर बसने के लिए मजबूर हुए। आज भी देखा जा सकता है…
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डिमना बांध : टाटा के विरोध में विस्थापितों का जल सत्याग्रह शुरू

डिमना डेम के पहले यहाँ 12 गाँव हुआ करते थे। जो आज भी हैं बसे हैं पर दुसरी जगह पर । आज जिस तरह से लोग विस्थापन…

झारखण्ड : जल, जगल, जमीन, खनिज की लूट के विरोध में जनअभियान तेज

विस्थापन विरोधी नवनिर्माण मोर्चा के आहवान पर 10 मार्च 2013 से आरम्भ होनेवाला जन अभियान विभिन्न् जिलो मे प्रचार - प्रसार करतें हुए 17 मार्च को रांची पहुचा। शहीद बीर बिरसा समाधि स्थल पर विभिन्न् जिलों का जत्था पहुंचकर पुष्पाजति अर्पित कर संकल्प लिया कि झारखण्ड एंव देश में प्रचलित विनाशकारी विकासपनीति को बंद करेगे और किसी भी कीमत पर जमीन नही देगें,…
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जल, जगल, जमीन, खनिज की लूट के विरोध में झारखण्ड में जनअभियान तेज

पूरी दुनिया में प्राकृतिक संसाधनों की लूट मची हुई है। नदी - झरना, खेत-खान, जंगल-पहाड़, सागर-आकाश, हवा-रोशनी सभी…

आप आंदोलन में हैं, तो व्यक्तिगत मुकदमों के लिए तैयार रहें : दयामनी बारला

जेल से छूटने के बाद दयामनी बारला से आज दिल्ली में मुलाकात हुई. कारपोरेट-सरकारी गठजोड आज जिस शातिर तरीके से उन सबकी…

15 दिसम्बर को रांची चलें! झारखंड हमारा है………..! कंपनियों की जागीर नहीं………!!

झारखण्ड में संसाधनों की बेरोक टोक लूट, विस्थापन, नगडी में जमीन की लूट के खिलाफ और दयामनी बरला, जीतन मरांडी, अपर्णा मरांडी और झारखंड के जेलों में बंद अन्य निर्दोष नागरिकों की रिहाई के लिए 15 दिसम्बर को रांची चलो का आह्वानझारखंड का सपना आज भ्रष्ट नेताओं, लालची कारपोरेट और 'विकास' की विनाशक परिभाषा की चपेट में है. इस सपने से जुड़े…
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नगड़ी के ग्रामीणों की अपील: झारखंड विधानसभा के सदस्यों के नाम

नगड़ी के खेतों में खून-पसीना बहा कर हमने धान रोपा और काटा. उसी धान का यह गुच्छा हम आपकों भेंट कर रहे हैं. हमारा…

आखरी सांस तक लड़ती रहूंगी : जेल से दयामनी बारला का इंटरव्यू

झारखंड में किसानों की जमीन के अधिग्रहण के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता दयामनी बारला विगत एक महीने से जेल में है। उन पर भ्रष्टाचार और भूमि अधिग्रहण के विरूद्ध आंदोलन के दौरान सरकारी काम में दखलअंदाजी का आरोप है। दयामनी की रिहाई की मांग को लेकर पत्रकार, लेखक और कलाकार सड़क पर उतर आए हैं। राज्य भर में उनकी रिहाई को लेकर…
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