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झारखण्ड
दयामनी बारला: जेल से लिखे पत्र को सुनिये
आज रांची के (ए. के. राय ) सेशन कोर्ट में दयामनी बारला की जमानत अर्जी पर चोथी बार सुनवाई बेनतीजा रही. अगली सुनवाई 21 नवम्बर को होगी. 16 अक्टोबर से अबतक एकके बाद एक तीन फर्जी केसों में दयामनी जी को फंसाया गया है. साफ़ तौर पर यह उनको नगड़ी आंदोलन से अलग-थलग कर ज़मीन हथियाने की साजिश है.
यह विडियो सामाजिक कार्यकर्ता दयामनी बारला के जेल से लिखी…
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झारखण्ड के 12 साल: क्या खोया, क्या पाया
आज 15 नवंबर 2012 को अलग झारखण्ड राज्य के गठन को 12 साल पूरे हो जायेंगे। इस मौक़े पर आज रांची के मोरबादी मैदान…
12 साल के सफर में टूटे सपने
सपनों की भूलभुलइया से निकल कर वास्तविकता के कड़वे धरातल पर उतर कर झारखण्ड राज्य अपनी उम्र के 13वें साल में पहुंच…
कुछ का विकास, बाकी का सत्यानाश
अलग राज्य के तौर पर झारखण्ड के पिछले 12 सालों पर नजर डालते हुए सवाल उठता है कि इसका फल किसकी झोली में गया और कौन उससे वंचित हो गया या वंचित कर दिया गया? सीधे कहें तो छोटा सा हिस्सा वह है जिसने पाया जबकि बड़े हिस्से ने केवल खोया- अपना बहुत कुछ। पेश है स्टेन स्वामी की रिपोर्ट;
पहले उनके बारे में जिन्हें अलग झारखण्ड राज्य बनने से बहुत कुछ मिला।…
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बढ़ते दमन और दरिद्रता के 12 साल
ग्लैडसन डुंगडुंग
झारखण्ड राज्य अपनी स्थापना के 12 साल पूरा कर चुका है। यह राज्य 79,714 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल…
दयामनी बारला की रिहाई के लिए दिल्ली में दस्तक: छात्र-युवाओं ने झारखंड भवन पर किया…
झारखंड ट्राइबल स्टुडेंट्स असोसिएशन (जे.टी.एस.ए.), ऑल इंडिया स्टुडेंट्स असोसिएशन (आइसा) तथा डेमोक्रेटिक स्टुडेंट्स…
झारखंडी जनांदोलन दशा और दिशा : एक साझा विमर्श
झारखंडी जनांदोलन दशा और दिशा : एक साझा विमर्श
25 नवंबर 2012
सुबह 11 बजे से सायं 4 बजे तक
एटीआई सभागार, रांची, झारखण्ड
जोहार साथियो,
जमीन अधिग्रहण और प्राकृतिक संसाधनों की लूट के सवाल पर झारखण्डी जनता का संघर्ष लगातार तीव्र से तीव्रतर होता जा रहा है. लेकिन ऐसे तमाम जनसंघर्षों की एक बुनियादी कमजोरी यह है कि ये सभी एकांतिक और निहायत…
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अन्याय की बुनियाद पर न्याय मांगते झारखण्ड के आदिवासी
विस्थापन विरोधी एकता मंच और अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के बैनर तले पूर्वी सिंहभूम के पोटका से रांची तक, 2 नवम्बर…
दयामनी बारला का अंतहीन संघर्ष: सरकार गरीबों से डरती है, कोर्ट को आगे करती है
आज रांची के सेशन कोर्ट में आदिवासी नेता दयामनी बारला के मामले पर चली सुनवाई में फैसला टाल दिया गया है और केस की…
झारखण्ड: जनद्रोही क़ानूनों और राज्य दमन के ख़िलाफ़ आंदोलन तेज होगा
गुजरी 16 अक्टूबर से एक के बाद एक फर्जी केस लगाकर दयामनी बारला को झारखंड पुलिस न केवल जेल में रखे हुए है बल्कि रिमांड के नाम पर उत्पीडन भी कर रही है. आज उन्हें नगड़ी के मामले में कोर्ट में पेश किया गया था. इस मोके पर उन्होंने कहा की “अपने पूर्वजों की भूमि का एक इंच भी नहीं देंगे। सरकार-कोर्पोरेट को उनके पुरखों की भूमि छीनने की इजाजत नहीं दी जाएगी।’’…
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