.
झारखण्ड
सारांडा जंगल का सच: दमन, हत्या और गिरफ्तारी
पिछड़े झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारांडा जंगल से 6 घंटे से ज्यादा की यात्रा करते हुए 30 वर्षीय मंगरी होनहंगा अपने 4 महीने के पुत्र डुला होनहंगा तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ निराशापूर्ण हालत में रांची इंसाफ पाने की उम्मीद करके आयी। मॉं और बेटा दोनों ही बीमार थे...
डुला ग्रेड-3 का कुपोषित रोगी था और मंगरी एनीमिया से पीड़ित…
और पढ़े...
कोयला खदान में जल भराव के कारण हुई थी 375 लोगों की जल समाधि, दोषियों को 36 साल…
एक लोकतांत्रिक देश में जहां पर दिल्ली जैसे शहर में 12 रुपये बिजली बिल का बकाया होने पर काली सूची में डाल दिया जाता…
झारखण्ड-छत्तीसगढ़ के संगठनों की पहल काम आया आपसी तालमेल: बंधुआ हुए मुक्त
उल्लेखनीय यह है कि बंधुआ मजदूरों को आपसी समन्वय से इन संगठनों ने मुक्त तो करा लिया परंतु भट्ठा मालिक के खिलाफ…
कारपोरेट, कंपनियों तथा भू-माफियाओं के सामने झारखण्ड सरकार ने टेके घुटने
छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट तथा संथाल परगना टेनेंसी एक्ट को
सख्ती से लागू करने की मांग को लेकर जारी संघर्ष
सी.एन.टी. एक्ट को सख्ती से लागू करवाने के आदेश पर मुख्यमंत्री द्वारा रोक लगाने के खिलाफ झारखंड वासियों ने पूरे राज्य में आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। झारखंड के कई जनसंगठनों ने दिसम्बर 2010 से मार्च 2011 तक लगातार राज्यपाल, राजभवन के…
और पढ़े...
भूमि अधिग्रहण तथा प्रस्तावित योजना के बारे में जानकारी लेने की कोशिश सूचना अधिकार…
मित्तल विरोधी आंदोलन की जुझारू नेता, स्वतंत्र पत्रकार तथा आदिवासी मूलवासी अस्तित्व रक्षा मंच की नेता दयामनी बारला…
कांटी बांध : स्थानीय निवासियों, भू- स्वामियों को बताने तथा भूमि अधिग्रहण की सूचना…
· सर्वे करने गये लागों को खदेड़ा ग्रामीणों ने।
· ठेकेदार की मशीनें की गयीं वापस।
· …
आज भी वंचित है बिरसा का गाँव
गाँव के आदिवासियों को स्कूल और पानी चाहिए। स्कूल है, पर अध्यापक नहीं आते और पानी लाने के लिए औरतों को मीलों जाना पड़ता है।
बीते 17 अप्रैल, 2010 का बिरसा मुंडा के उलिहातु गाँव में जाकर जो कारुणिक दृश्य मैंने देखे, उससे मर्माहत हूं। बिरसा के गाँव और आसपास के जंगल खत्म हो रहे हैं। जो जंगल अरण्यजीवियों की आजीविका का एक मात्र साधन रहा है, वह क्यों…
और पढ़े...
साक्षात्कार : कुमार चन्द मार्डी
हम लगातार संघर्ष कर रहे हैं। दमन, उत्पीड़न, गिरफ्तारियां तथा फर्जी मुकदमें हमें डिगा नहीं सकते। हम जनवरी 2011 से…
मित्तल को अब चाहिए बोकारो में जमीन विरोध में आदिवासी मूलवासी अस्तित्व रक्षा मंच ने…
झारखण्ड सरकार ने अगस्त 2005 में मित्तल कंपनी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किये थे। इस एमओयू के आधार पर कंपनी 12,000…