संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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मध्य प्रदेश

अपनी भूमि पर बेघर आदिवासी

मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले का सहरिया आदिवासी समुदाय देश का सर्वाधिक कुपोषित आदिवासी समुदाय है। लेकिन उसकी खेती की जमीनों पर गैर आदिवासियों ने अपना कब्जा जमा लिया। ऐसा तब हो रहा है जबकि उनका क्षेत्र संविधान की पांचवीं अनुसूची में आता है, जहां पर गैर आदिवासी उनकी जमीन की खरीद फरोख्त ही नहीं कर सकते। वैसे सरकारें भी गरीबों के हित में पहल करने से…
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पेड़ों में राखी बांधकर जंगल बचाने का लिया संकल्प

सिंगरौली, 10 अगस्त 2014। रक्षा बंधन के दिन महान वन क्षेत्र के ग्रामीणों ने महुआ पेड़ को राखी बाँधकर अपने जंगल के…

जनवादी आंदोलनों पर दमनकारी नीति अस्वीकार्यः महान संघर्ष समिति

पुलिस दमन के बीच महान संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से एस्सार का खनन लाइसेंस रद्द करने और ग्रामीणों के वनाधिकार की…

ग्राम सभा तय करेगी महान कोल लिमिटेड का भविष्यः जिला कलेक्टर

15 से 22 अगस्त के बीच आयोजित होगी ग्राम सभा, महान संघर्ष समिति ने किया फैसले का स्वागत सिंगरौली। 21 जूलाई 2014। महान कोल लमिटेड को आवंटित महान कोल ब्लॉक के भविष्य का फैसला स्थानीय ग्राम सभा द्वारा लिया जाएगा। उक्त बातें जिला कलेक्टर एम सेलवेन्द्रन ने एक बैठक में कही। जिलाधिकारी ने बताया कि नयी ग्राम सभा का आयोजन आगामी 15 से 23 अगस्त के…
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एस्सार प्रस्तावित खदान के खिलाफ विरोध को दबाने के लिए प्रयासरत

मुंबई। 14 जूलाई 2014। ग्रीनपीस के 30 सेकेंड के विडियो जिसे फन सिनेमा घरों में दिखाया जा रहा है उस पर एस्सार ने…

सरदार सरोवर बांध : ऊंचाई बढ़ाने पर न्यायालय द्वारा नोटिस जारी

इंदौर, (सप्रेस)। नर्मदा बचाओ आंदोलन द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा…

सिंगरौली: इंसान और ईमान का नरक कुंड

अमिलिया में एस्‍सार कंपनी का विरोध करती ग्रामीण औरतें पिछले महीने मीडिया में लीक हुई एक 'खुफिया' रिपोर्ट में भारत की इंटेलिजेंस ब्‍यूरो ने कुछ व्‍यक्तियों और संस्‍थाओं के ऊपर विदेशी धन लेकर देश में विकास परियोजनाओं को बाधित करने का आरोप लगाया था। इसमें ग्रीनपीस नामक एनजीओ द्वारा सिंगरौली में एस्‍सार-हिंडाल्‍को की महान कोल कंपनी के खिलाफ…
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बंजर जमीने दिखाकर प्रताड़ित किया जा रहा है विस्थापितों को

सर्वोच्च न्यायलय ने 11 मई 2011 को अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया था कि विस्थापितों को उनकी मूल जमीन जैसी एवं बिना अतिक्रमण की जमीन दी जाएगी. गत 2 जून से 19 जून के बीच ओम्कारेश्वर बांध प्रभावित ग्राम घोगलगाँव, एखंड, टोकी, कामनखेड़ा, केलवाखुर्द व् पालडी गाँव के 92 किसानों को धार जिले के शिकारपुरा, गुन्हेरा, कराडीया, डोरमारियापुरा,…
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