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मध्य प्रदेश
किसान पंचायत का ऐलान: उद्योग नहीं कृषि चाहिए
नागपुर से करीब डेढ़ सौ किलामीटर दूर छिंदवाड़ा जिले के आदिवासी अंचल में बुधवार को पांच राज्यों के किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा हजारों की संख्या में किसान जुटे। मोहगांव में बुधवार 21 सितंबर को हुई किसान महापंचायत में सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया कि अब आसपास के किसान अब किसी भी परियोजना के लिए एक इंच जमीन नहीं देंगे।
इस इलाके में पेंच…
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कृषि, भूमि नीति के सवाल पर विचार-विमर्श
22 एवं 23 अगस्त, 2011 को इन्दौर (म. प्र.) में भूमि की लूट के सवाल पर सामाजिक संगठनों, स्थानीय जन संघर्षों के साथ…
छिंदवाड़ा : अडानी पेंच पॉवर प्लांट का पुरजोर विरोध
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के पास चौसरा गांव में 1320 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट अडानी ग्रुप लगाने जा रहा है।…
शेरों के नाम पर विस्थापन
मध्य प्रदेश के श्योपुरी जिले में दस साल पहले एशियाई शेरों को बसाने के लिए 28 गांव के लोगों को जिन शेरों के नाम पर विस्थापित किया गया वहां आज तक शेर नहीं लाये गये। केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्री की पहल के बावजूद गुजरात सरकार वहां अपने शेरों के बसाने से इंकार ही करती रही है।
दस साल पहले विस्थापन के समय 28 गांवों के हजारों लोगों को सभी सुविधाओं के…
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