संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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राज्यवार रिपोर्टें

42 निर्दोष किसान बंद हैं यूपी की जेल में, सरकार लगी है ज़मीन हड़पने के खेल में

14 अक्टूवर को दिल्ली के उत्तर प्रदेश भवन में जब सामाजिक कार्यकर्त्ता, छात्र और नौजवान इलाहाबाद जिले के करछना के किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करने पहुंचे, तो उन्हें पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया गया. ये लोग उन किसानों के संघर्ष के प्रति अपना समर्थन जताने पहुंचे थे जो यूपी की नैनी जेल में पिछले 9 सितम्बर से बंद हैं, सिर्फ इसलिए की उन्होंने अपनी…
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करछना के किसानों का उत्पीड़न जारी-एक की मृत्यु, दूसरा जेल में बीमार : विरोध में…

दिल्ली के उत्तर प्रदेश भवन पर प्रदर्शन दिल्ली के उत्तर प्रदेश भवन पर 14 अक्टूबर को सामाजिक संगठनों,…

सरकार का 2022 तक घर देने का वादा, फिर क्यों है गरीबों के घर तोड़ने का इरादा? : घर…

घर बचाओ घर बनाओ आन्दोलन कट-ऑफ-डेट और डेमोलिशन के खिलाफ व बस्तियों की सुरक्षा की मांग को लेकर जागरूकता…

डीआरडीओ के जबरन भूमि हड़पने के विरोध में मेवात के किसान एकजुट; 14 अक्टूबर से पदयात्रा

राजस्थान के अलवर जिले के किसान भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के संगठन डीआरडीओ को वन भूमि के 850 हैक्टेयर के पहाड आवंटन के विरोध में संघर्षरत है । यह इलाका अलवर-दिल्ली मार्ग पर कीथूर गाँव के पास है। जिला प्रशासन ने बेहद खुबसूरत और पर्यावरणीय व आर्थिक महत्व के पहाड़ को डीआरडीओ के पक्ष में आनन फानन में डाइवरट कर दिया। इस भूमि की लूट के विरोध में…
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विकास की कीमत चुकाते रावतभाटा के आदिवासी : परमाणु प्लांट से हो रही बीमारियों पर एक…

राजस्थान के रावतभाटा में छह परमाणु ऊर्जा संयंत्र काम कर रहे हैं जबकि दो नए प्लांटों और अनु-ईंधन प्रसंस्करण यूनिट…

नर्मदा बचाओ आंदोलन : पुनर्वास में भ्रष्टाचार, अधिकारियों ने किया स्वीकार !

1.5 हज़ार विस्थापितों ने दिन भर घेरा इंदौर के पुनर्वास कार्यालय उच्च अधिकारियों ने स्वीकार किया पुनर्वास में…

उत्तराखंड : जौनसार बाबर में बर्बर व्यवस्था के खिलाफ़ यात्रा, 9 से 13 अक्टूबर 2015

उत्तराखंड के जौनसार बाबर में दलितों के भूमि अधिकार, बधुआ मजदूरी, दलितों-महिलाओं के मंदिर प्रवेश पर रोक, अंधविश्वास आदि विषयों के खिलाफ 5 दिवसीय यात्रा 9 से 13 अक्टूबर 2015 तक आयोजित की गई है । यात्रा करीब 35 गांवों से गुजरेगी। 15 अक्तूबर को बिसोई मंदिर में स्थानीय दलित-महिलाएं प्रवेश करेंगी। पेश है जबर सिंह की रिपोर्ट;…
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कोयला सत्याग्रह : ये गारे गांव के गाँधी हैं ?

गांधी जयंती के मौक़े पर छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के कोई 14 गांवों के किसानों ने कोयला क़ानून तोड़ने का साहसी…

क्या है जाजोर पहाड आंवटन का मामला ?

अलवर-तिजारा- दिल्ली सडक पर ग्राम किथूर के पास दाहिने हाथ की तरफ अरावली पर्वत क्षंृख्ला का एक महत्वपूर्ण पहाड है,…

अब ये लोग गोली चलायेंगे

फ़ाइल तस्वीर छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (छमुमो) के नेता शंकर गुहा नियोगी ने आजादी के बाद श्रमिक आंदोलन को नई ऊँचाइयां प्रदान की थी। उनकी दूरदर्शिता और राजनीतिक परिपक्वता उन्हें एक महत्वपूर्ण राजनीतिक चिंतक के रूप में भी स्थापित करती है। इसी परिपक्वता के चलते उन्होंने अपनी हत्या तक की सटीक भविष्यवाणी कर दी थी। 28 सितंबर 1991 को उनकी गोली मारकर हत्या…
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