संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
.

राज्यवार रिपोर्टें

‘हिन्दू फासीवाद और मीडिया’ विषय पर सेमिनार

27 सितम्बर 2015 को ‘नागरिक’ पाक्षिक पत्र द्वारा भगत सिंह के जन्म दिवस पर ‘हिन्दू फासीवाद और मीडिया’ विषय पर गांधी शांति प्रतिष्ठान, नयी दिल्ली में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में बात रखते हुए वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी शम्सुल इस्लाम ने कहा कि आज देश के अंदर हिन्दू फासीवादी आंदोलन निरंतर मजबूत होता जा रहा है। देश मे मोदी सरकार आने के बाद से…
और पढ़े...

कचरी के किसानों से मिलने जा रही मेधा पाटकर गिरफ्तार

किसानों के दमन पर आमादा समाजवादी सरकार उत्तर प्रदेश के कनहर बांध का विरोध कर रहे आदिवासियों के क्रूर दमन…

अपने ही नागरिको को तिल-तिल कर मरने पर मजबूर करती मजबूत सरकार

मध्य प्रदेश के पन्ना टाईगर रिजर्ब अभ्यारण्य के अन्तर्गत आने वाले गॉंव उमरावन ग्राम पंचायत बडौर जिला पन्ना को…

विरोध के बीच केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट मंजूर

जुड़ती नदियाँ, बिखरता जीवन: केन-बेतवा नदीजोड़ परियोजना और आदिवासी विस्थापन देश की तीस चुनिन्दा नदियों को जोड़ने वाली राष्ट्रीय परियोजना में से एक है केन – बेतवा नदी गठजोड़ परिजोना । इस लिंक हास्यास्पद पहलु ये है कि ग्रेटर गंगऊ बांध बन जाने के बाद दो बड़े बांध धसान नदी, माताटीला जल विहीन होंगे । रनगँवा बांध एक डूब क्षेत्र का बांध है इसमे बारिश का…
और पढ़े...

दिल्ली में बिगड़ते स्वास्थ हालात के विरोध में सचिवालय पर प्रतिरोध प्रदर्शन; 23…

प्रतिरोध प्रदर्शन दिल्ली में बिगड़ते स्वास्थ हालात के विरोध में एक जरुरी आह्वान 23 सितम्बर 2015 को दिन में…

वनाधिकार के लिए संघर्ष तेज करने का ऐलान : हिमालय नीति अभियान

हिमालय नीति अभियान द्वारा 19-20 सितम्बर 2015 को बिलासपुर में भूमि अधिकार व वन अधिकार कानून पर दो दिवसीय राज्य संमेलन आयोजित किया गया, जिस में प्रदेश भर के नौ जिला से 130 सामाजिक कार्यकर्ताओं व वन निवासियों ने भाग लिया। संमेलन में उतराखंड, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उड़ीसा से भी प्रतिभागी शामिल हुए। संमेलन को इंसाफ दिल्ली के महा सचिव वीरेंद्र…
और पढ़े...

उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार का दलित भूमि हड़पने का नया विधेयक

उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार द्वारा प्रस्तावित विधेयक 'उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन और भूमि व्यवस्था संशोधन…

ग्रीनपीस को मिली मद्रास हाईकोर्ट से राहत, एफसीआरए रद्द होने के मामले में गृह…

चेन्नई। 16 सितंबर 2015। आज भारतीय न्यायालय ने ग्रीनपीस को केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अनुचित कार्यवायी से पांचवी बार…

बताव ए साहेब किसान काहे मरता

भारतीय किसान आसमानी विपदा और सरकारी बेरुखी का एक साथ शिकार बन गया है। मौसम किसानों के लिए कहर बनकर बरपा है। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार भूमि अधिकार कानून (संशोधन) विधेयक को पारित कराने और राज्य सरकारे कृषि साीलिंग कानून को छिन्न भिन्न करने में जुट गई है। चक्की के पाट में पिस रहे किसान को अब फाँसी का फंदा शायद अधिक आकर्षित कर रहा है। किसानों की…
और पढ़े...