संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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राज्यवार रिपोर्टें

एक और खैरलांजी : राजस्थान का नागौर जिला दलितों की कब्रगाह बनता जा रहा है

राजस्थान की राजधानी जयपुर से तक़रीबन ढाई सौ किलोमीटर दूर स्थित अन्य पिछड़े वर्ग की एक दबंग जाट जाति की बहुलता वाला नागौर जिला इन दिनों दलित उत्पीडन की निरंतर घट रही शर्मनाक घटनाओं की वजह से कुख्यात हो रहा है .विगत एक साल के भीतर यहाँ पर दलितों के साथ जिस तरह का जुल्म हुआ है और आज भी जारी है ,उसे देखा जाये तो दिल दहल जाता है ,यकीन ही नहीं आता…
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रेमण्ड वूलन मिल्स के ठेका मजदूरों ने दिया कलेक्टर को ज्ञापन

मध्य प्रदेश के छिन्दवाड़ा जिले के बोरगांव स्थित रेमण्ड वूलन मिल्स के ठेका मजदूरों ने हिन्द मजदूर किसान पंचायत…

जमीन छिनने के खौफ से बेचैन किसान

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित तीन सीमेंट प्लांटों के विरोध में पिछले 1715 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना जारी है. सरकार की और 14 मई को भूमि कब्ज़ा करने की कार्रवाई ग्रामीणों के विरोध कारण शुरू नहीं हों पाई। इस बीच एसडीएम का तबादला भी कर दिया गया. ज्ञात हो कि झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ और सीकर जिले के बेरी क्षेत्र में…
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राजस्थान में दलितों पर अत्याचार : नयी दिल्ली के जंतर मंतर पर विशाल प्रदर्शन

राजस्थान में दलितों पर अत्याचार : यूथ डिग्निटी फोरम का जंतर मंतर पर प्रदर्शन सोमवार, 25 मई 2015, समय दोपहर…

राजस्थान : 21 गांवों के आदिवासियों की आजीविका व अस्तित्व का संघर्ष !

डूंगरपुर (राजस्थान) के हजारों आदिवासियों ने अपने शारीरिक श्रम व पूंजी लगाकर हजारों हेक्टेयर बंजर जमीन को खेती लायक बनाया। वैध दस्तावेज होने के बावजूद सरकार अपने लालच व स्वार्थ के चलते आदिवासियों को उनका हक प्रदान करने में आनाकानी कर रही है। आदिवासियों के परिश्रम व भूमि से जुड़ाव को रेखांकित करता भारत डोगरा का सप्रेस से साभार महत्वपूर्ण…
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गढ़वा में प्रस्तावित कनहर बांध पर छत्तीसगढ़ सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करें- माकपा

रायपुर। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने झारखंड के गढ़वा जिले में कनहर नदी पर प्रस्तावित बांध के संबंध में…

राज्यसत्ता लोकतंत्र से डरती है – लोक अधिकार मंच, गडचिरोली

“जनता के अधिकारों के संघर्ष की सभा पर पुलिस द्वारा दमन.... ये तो लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की हत्या...”…

दंतेवाड़ा का दूसरा पक्ष – नंदिनी सुन्दर

मोदी की दंतेवाड़ा यात्रा पर नंदिनी सुन्दर का आलेख जिसे अमर उजाला से साभार साझा किया जा रहा है; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दंतेवाड़ा यात्रा के लिए सराहना की जानी चाहिए। लेकिन पिछले प्रधानमंत्री की यात्रा के विपरीत, जिन्होंने जैव विविधता और आदिवासी लोगों को हुए असाध्य नुकसान के कारण बोधघाट जलविद्युत परियोजना बंद कर दी थी, मोदी को यहां सिर्फ…
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