संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
.

राज्यवार रिपोर्टें

मानेसर स्थित अस्ति इलेक्ट्रोनिक्स कंपनी के मज़दूरों का संघर्ष तेज

हरियाणा के मानेसर में आज (9 दिसम्बर 2014) सुबह अस्ति इलेक्ट्रोनिक्स कंपनी के कारखाने के स्थायी मज़दूरों ने हड़ताल की घोषणा कर कंपनी परिसर के अंदर बैठने का फैसला लिया है| कंपनी के 310 ठेका मज़दूर पहले से ही उनके अन्यायपूर्ण निष्कासन के विरोध में कारखाने के गेट के बहार 1 नवंबर 2014 से धरने पर बैठे हुए हैं| कंपनी परिसर के अंदर और गेट पर भारी संख्या…
और पढ़े...

सबसे ज्यादा काम, सबसे कम दाम और सबसे कम सुरक्षा ये है महिला कामगारों की स्थिति :…

‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'श्रमेव जयते' नारे का पर्याय है- श्रम का सम्मान नहीं, श्रम की पहचान नहीं। दरअसल…

अखिल भारत शिक्षा संघर्ष यात्रा-2014 : रैली व भोपाल महा-पड़ाव से एकजुट संघर्ष की…

शिक्षा के निजीकरण, बाज़ारीकरण व सांप्रदायीकरण के खिलाफ़ और ‘केजी से पीजी तक’ पूरी तरह मुफ़्त व सरकार द्वारा…

भाटी माईनस विस्थापित मांगेंगे आपना हक़ : 15 दिसम्बर 2014 को जंतर मंतर पर प्रदर्शन

जो ज़मीन सरकारी है वो ज़मीन हमारी है, जल-जंगल और ज़मीन ये हों जनता के अधीन पिछले 50 साल से जारी शोषण के विरोध में दिल्ली के भाटी माईनस विस्थापित, भागीरथ नगर के बाशिंदे, ओड़ घुमन्तु जनजाति की मज़दूर महिलाएं एवं गांव के प्रतिनिधि वरिष्ठ जन, अपने वंचित संवैधानिक अधिकारों को पाने के लिए एकजुट हो रहे हैं। 15 दिसम्बर 2014 को जंतर…
और पढ़े...

कारपोरेट-राज के खिलाफ साझी लड़ाई के सिवा रास्ता नहीं: ढिंकिया राष्ट्रीय सम्मलेन में जारी ‘संकल्प-पत्र’

ओडिशा केजगतसिंहपुर जिले के ढिंकिया गाँव में देशभर के ज़मीनी जनांदोलन अपनी चुनौतियों और आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए 29-30 नवम्बर 2014 को इकट्ठा हुए. 'जल, जंगल, ज़मीन और जीविका के हक़ के लिए लोकतंत्र की रक्षा में जनसंघर्षों का राष्ट्रीय सम्मलेन' के मंच पर 100 से ज़्यादा जन-संगठनों से आए चार सौ से अधिक संघर्षशील साथियों ने विगत वर्षों के…
और पढ़े...

पोस्को विरोधी आंदोलन के समर्थन में तथा गैर-कानूनी खदानों की सी बी आई जांच की मांग…

मौजूदा समय में पोस्को प्रतिरोध संग्राम समिति के नेतृत्व में विगत दस सालों से ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में…

बिहार में निर्णायक संघर्ष का आगाज़: जहां गंगा सफाई न्याय और लोकतंत्र का मुद्दा है

गोमुख से लेकर गंगासागर तक 2525 किलोमीटर के नदीपथ के दोनों ओर स्थित जनपदों की जलदात्री एवं पवित्र जलवाली गंगा का…

न्याय, शांति और सम्मान के लिए आदिवासी अधिकार पद यात्रा 20 नवम्बर 2014 से

आदिवासियों से जुड़े मसले की जांच के लिए स्वतंत्र समिति बने लगभग 3 लाख फर्जी प्रकरण आदिवासियों के खिलाफ दर्ज भोपाल। पिछले कुछ सालों में आदिवासी समुदाय के लिए कई नियम-कानून बनाए गए, जिसके माध्यम से उन्हें अधिकार एवं सम्मान देने का वायदा किया गया। वन अधिकार कानून की प्रस्तावना में यह लिखा गया है कि यह कानून आदिवासियों को ऐतिहासिक अन्याय से…
और पढ़े...