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राज्यवार रिपोर्टें
दमनकारी कानूनों के विरूद्ध: सम्मेलन
गुजरी 20 जनवरी को चंडीगढ़ में गदर आंदोलन की 100वीं बरसी के अवसर पर दमनकारी कानून विरोधी कमेटी, चंडीगढ़ के बैनर तले दमनकारी कानूनों के खिलाफ एक दिवसीय सम्मलेन का आयोजन किया गया। सम्मलेन में राजविन्द्र सिंह बैंस एडवोकेट (पंजाब ह्यूमैन राइट आर्गेनाइजेशन, पीएचआरओ), प्रो. जगमोहन सिंह (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक राइट, पंजाब, एएफडीआर ), पंकज त्यागी (पीपुल्स…
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जिंदल, जंगल और जनाक्रोश: 2008 का पुलिस दमन नहीं भूलेंगे रायगढ़ के लोग
रायगढ़ में 5 जनवरी को काला दिवस मनाया गया। यह आयोजन 2009 से हर साल इसी तारीख को मनाया जाता है ताकि 2008 में…
बिहार राज्य आवास बोर्ड की मनमर्जी के खिलाफ दस्तक
पटना के दीघा आवासीय कॉलोनी के लोग पिछले तीन दिन से अपनी जमीन और घर बचाने के लिये बिहार राज्य आवास बोर्ड के…
किसानों की बेबसी बनाम सरकारी बेदिली
देश की राजधानी से मुश्किल से 250 कि.मी. की दूरी पर किसान अपनी ज़मीन बचाने के लिए लगातार 876 दिनों से धरने पर बैठे है। इन किसानों की 72 हजार बिघा ज़मीन नवलगढ़ (झुंझुनू, राजस्थान) में प्रस्तावित 3 सीमेंट प्लांटों में जा रही है। कई बार बंद, प्रदर्शन, रैली और धरने जैसे आयोजन कर सरकार को चेतावनी दे चुके किसानों का कहना है कि हम अपनी जान दे देंगे,…
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‘1885 के बाद अफ्रीका को लूटने का यह नया सिलसिला है’
पिछले दिनों जर्मनी में ‘एफेक्टिव कोऑपरेशन फॉर ए ग्रीन अफ्रीका’ के जर्मनी में आयोजित पहले अधिवेशन में ओबांग मेथो…
कारपोरेट लूट- पुलिसिया दमन के विरोध में दुर्ग में दस्तक: किसान-मजदूर-आदिवासियों ने…
कंपनियों की जागारी नहीं, छत्तीसगढ़ हमारा है!
लाठी गोली की सरकार नहीं चलेगी, नहीं चलेगी!! …
मंत्री जी, देश की वनभूमि पर कारपोरेट का जंगलराज कायम हो गया है !
देश आज उस मुहाने पर खड़ा है जहां या तो जंगल बचाने वाले आदिवासी बचेंगे, या जंगलराज लाने वाले कारपोरेट. देश का क़ानून और संविधान कारपोरेट हितों का अभयारण्य बन गया है. वनभूमि-हस्तांतरण को रोकने के लिए 2006 में क़ानून तो बना, लेकिन जब इसे लागू करने के लिए ज़रूरी राजनीतिक इच्छाशक्ति कंपनियों के आगे घुटने टेक देती हो तो हिमाचल हो या ओडीसा, छत्तीसगढ़ हो…
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आप आंदोलन में हैं, तो व्यक्तिगत मुकदमों के लिए तैयार रहें : दयामनी बारला
जेल से छूटने के बाद दयामनी बारला से आज दिल्ली में मुलाकात हुई. कारपोरेट-सरकारी गठजोड आज जिस शातिर तरीके से उन सबकी…
मुलताई गोलीकांड के 15 साल पुरे : किसान लाचार, इंसाफ का इंतजार
मुलताई गोलीकांड में मारे गये किसानों के परिजन तो परेशान हैं ही फर्जी अभियुक्त बनाए गए किसानों को भी अभी तक न्याय…
सर्वोच्च न्यायलय : इंदिरा सागर बांध में बिना पुनर्वास के पानी भरने पर सरकार को नोटिस
न्यायलय के आदेशों का उल्लंघन कर लायी गई थी डूब!
डूब के खिलाफ हुआ था जगह जगह जल सत्याग्रह!!
गुजरी 4 जनवरी को नर्मदा बचाओ आन्दोलन द्वारा दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने बिना पुनर्वास के इंदिरा सागर बांध में 260 मीटर के ऊपर पानी भरने पर मध्य प्रदेश सरकार से जवाब माँगा है. न्यायालय ने म.प्र. सरकार से एन. एच. डी. सी. द्वारा राज्य…
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