संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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राज्यवार रिपोर्टें

मुलताई गोलीकांड : किसान लाचार, इंसाफ का इंतजार, 'किसान न्याय यात्रा' का पाँचवाँ दिन

मुलताई गोलीकांड : 15 सालों से संघर्षरत किसानों की 'किसान न्याय यात्रा' का पाँचवाँ दिन किसान संघर्ष समिति द्वारा हर साल 12 जनवरी को मुलताई में शहीद किसान स्मृति सम्मेलन का आयोजन किया जाता है. इस साल 15वीं बरसी पर होने वाले जन संसद में मुलताई गोली कांड में शहीद किसानों के परिवार एवं प्रभावित किसानों को न्याय दिलाने के लिए अभियान के साथ-साथ डॉ.…
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कारपोरेट लूट- पुलिसिया दमन विरोधी लोक संघर्ष यात्रा : ‘विकास’ ने लिला पति, सुगिया…

‘विकास’ ने लिला पति, सुगिया के द्वारा सुदर्शन की खोज जारी। तियरा में दिखी बैगा जनजाति के ‘संरक्षित’ घोषित होने…

मुलताई गोलीकांड : 15 सालों से संघर्षरत किसानों की ‘किसान न्याय…

मुलताई गोलीकांड में मारे गये किसानों के परिजन तो परेशान हैं ही फर्जी अभियुक्त बनाए गए किसानों को भी अभी तक न्याय…

कारपोरेट लूट- पुलिसिया दमन विरोधी लोक संघर्ष यात्रा : संजय नामदेव फिर गिरफ्तार

लोक संघर्ष यात्रा जारी है.....आज सासन परियोजना से प्रभावित गावों में पहुचेगी यात्रा पिछले तीन माह के घटनाक्रमों पर दिल्ली और मध्य प्रदेश पर एक साथ नज़र डालें तो यह साफ़ हो जाता है कि देश के सत्तावर्ग ने खुलकर कारपोरेट की ताकत के पक्ष में खड़े होने का फैसला कर लिया है. संविधान का लिहाज और बची-खुची आँख की शर्म भी धो डाली है. मध्य प्रदेश के…
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नियमगिरी में कारपोरेट और राज्य सत्ता को कड़ी टक्कर देते आदिवासी

नियमगिरि के आदिवासी वेदांता के विरोध में कालाहांडी जिलाधिकारी के कार्यालय पर 10 जनवरी 2013 को प्रदर्शन करेंगे…

भारत के 130 ज़िलों में जारी है ज़मीन बचाने की जंग

हाल की एक बीबीसी रपट ने 'राइट्स एंड रिसोर्सेज इनीशिएटिव' और 'सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ वेस्टलैंड डेवलपमेंट' के हवाले से यह चेतावनी दी है कि आने वाले 15 सालों में बड़ी परियोजनाओं के चलते भारत में संघर्ष और अशांति की आशंका है. नियमगिरि, कूडनकुलम, पोस्को जैसी परियोजनाओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन मुख्या धारा की मीडिया में अपनी दस्तक दे चुके हैं, लेकिन…
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कूडनकुलम आंदोलन निर्णायक दौर में

कूडनकुलम बेशक राष्ट्रीय मीडिया की सुर्ख़ियों से उतर गया हो, लेकिन ज़मीन पर भारी दमन के बावजूद विरोध जारी है.…

दिल्ली में सरेराह बलात्कार : निर्णायक संघर्ष ज़रूरी

दिल्ली में इस रविवार की रात हुए नृशंस बलात्कार की घटना ने लोगों को हिला कर रख दिया है. देश की राजधानी में हुए इस अपराध से कई ज़रूरी सवाल सामने आए हैं. क्या बलात्कार की हर घटना इसी तरह प्रशासन और सुरक्षा का सवाल भर बना कर टाली जाती रहेगी? क्या हम हर ऐसी घटना पर कुछेक दिन अपना आक्रोश जताकर बलात्कार जैसी बर्बरता के पीछे काम करने वाले सामाजिक तथ्यों से…
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