संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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राज्यवार रिपोर्टें

दयामनी बारला की रिहाई के लिए दिल्ली में दस्तक: छात्र-युवाओं ने झारखंड भवन पर किया प्रदर्शन

झारखंड ट्राइबल स्टुडेंट्स असोसिएशन (जे.टी.एस.ए.), ऑल इंडिया स्टुडेंट्स असोसिएशन (आइसा) तथा डेमोक्रेटिक स्टुडेंट्स युनियन (डी.एस.यू.) के कार्यकत्ता और जनवादी विचारों वाले छात्र-युवा 12 नवम्बर को दिल्ली के वसंत विहार-स्थित झारखंड भवन के सामने आदिवासी कार्यकर्त्ता दयामनी बारला की अविलम्ब रिहाई के लिए जमकर विरोध प्रदर्शन किया. छात्रों ने झारखंड भवन…
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अन्याय की बुनियाद पर न्याय मांगते झारखण्ड के आदिवासी

विस्थापन विरोधी एकता मंच और अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के बैनर तले पूर्वी सिंहभूम के पोटका से रांची तक, 2 नवम्बर को शुरू हुई पदयात्रा 10 नवम्बर 2012 को रांची में राजभवन के घेराव के लिय आयोजित प्रदर्शन में बदल गई. झारखण्ड के कोने-कोने से आये हजारों आदिवासियों ने ‘जल-जगल-जमीन की लूट, नहीं किसी को छूट’, हमें लोहा नहीं अनाज चाहिय, कारखाना नहीं, खेती…
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परमाणु सुरक्षा के मसले पर लीपापोती बंद करे सरकार

मनावाधिकार संगठन पीपुल्स युनियन ऑफ सिविल लिबर्टीज़ (पीयूसीएल) और परमाणु निरस्त्रीकरण एवं शांति गठबंधन…

दयामनी बारला का अंतहीन संघर्ष: सरकार गरीबों से डरती है, कोर्ट को आगे करती है

आज रांची के सेशन कोर्ट में आदिवासी नेता दयामनी बारला के मामले पर चली सुनवाई में फैसला टाल दिया गया है और केस की…

फैजाबाद हिंसा एकतरफा और प्रयोजित: जाँच दल

उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में दुर्गा पूजा के दिन 24 अक्टूबर 2012 को दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों से उपजे तनाव के कारण करीब दो सप्ताह तक कर्फ्यू जारी रहा. इस पुरे घटनाक्रम का जायजा लेने एंव प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने एक स्वतंत्र जांच दल ने 3 नवम्बर 2012 को भ्रमण किया. इस जाँच दल में युगल किशोर शरण शास्त्री, खालिक अहमद खान, विनय श्रीवास्तव,…
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झारखण्ड: जनद्रोही क़ानूनों और राज्य दमन के ख़िलाफ़ आंदोलन तेज होगा

गुजरी 16 अक्टूबर से एक के बाद एक फर्जी केस लगाकर दयामनी बारला को झारखंड पुलिस न केवल जेल में रखे हुए है बल्कि…

छत्तीसगढ़ महतारी की नीलामी का राज्योत्सव

महामहिम राष्ट्रपति ने कल शाम छत्तीसगढ़ की नयी राजधानी नया रायपुर में बने राज्य के नये मंत्रालय भवन और विभागाध्यक्ष भवन का लोकार्पण किया और इसी के साथ राज्योत्सव का समापन हो गया। यहां सब कुछ नया था, शानदार और शंहशाही था। हां, इस जादुई मेले के बाहर सब कुछ ज़रूर वही पुराना था- भुखमरी और ग़रीबी का नज़ारा, कल्याणकारी सरकर की ज़्यादतियों और बेदिली के…
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