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राज्यवार रिपोर्टें
छिंदवाड़ा : अडानी पेंच पॉवर प्लांट का पुरजोर विरोध
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के पास चौसरा गांव में 1320 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट अडानी ग्रुप लगाने जा रहा है। थर्मल प्लांट के लिए पेंच नदी पर दो बांध बनाकर बिजली घर को पानी दिए जाने की योजना है। इस योजना से किसानों की जमीन और पानी दोनों छीन जायेगा। इस परियोजना का दिलचस्प पहलू यह है कि जिस जमीन पर किसान खेती कर रहे हैं वह जमीन मध्य प्रदेश सरकार…
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नीम का थाना क्षेत्र में जारी है जनसंघर्ष
राजस्थान व हरियाणा की सीमा पर अरावली पवर्तमालाओं के पहाड़ी क्षेत्र में नीम का थाना व उसके आस-पास कई गांव बसे…
गंगा एक्सप्रेस-वे एवं भूमि अधिग्रहण क्यों और किसके हित में
9-10 अप्रैल 2011 को कृषि-भूमि बचाओ मोर्चा, उ. प्र. के तत्वावधान में सर्व सेवा संघ, राजघाट, वाराणसी, उ. प्र. में दो…
उत्तर प्रदेश की भूमि अधिग्रहण की नयी नीति
भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों पर गोलियां चलवाने तथा दिसंबर 2009 से जुलाई 2011 के बीच 6 बड़े-बड़े भूमि-अधिग्रहणों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा अवैध घोषित किये जाने के रिकार्डों से गदगद या आहत उत्तर प्रदेश सरकार एक नयी भूमि अधिग्रहण नीति के साथ मैदान में आयी है, अपनी बदनुमा छबि को सुधाने की जुगत में। 2 जून 2011, को उत्तर प्रदेश सरकार…
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करछना के किसानों पर जारी है दमन
करछना (इलाहाबाद) के किसानों की जमीन छीनने पर आमादा प्रशासन अब फर्जी चौपालों का सहारा ले रहा है। प्रशासन द्वारा…
जारी है भूमि-अधिग्रहण के खिलाफ संघर्षरत किसानों पर बर्बर दमन
उत्तर प्रदेश में भूमि-अधिग्रहण के मुद्दे पर किसानों तथा प्रशासन के टकराव की हिंसक घटनायें राज्य सरकार तथा केन्द्रीय…
तीखे विरोध के चलते प्रशासन को स्थगित करनी पड़ी जनसुनवाई
सतलुज जल विद्युत निगम के महत्वाकांक्षी लुहरी प्रोजेक्ट को स्थानीय लोगों के घनघोर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। प्रस्तावित लुहरी हाइड्रो-इलेक्ट्रिकल संयंत्र 775 मेगावाट का है और इस यंत्र में विश्व बैंक का पैसा भी लगा है।
हिमाचल प्रदेश राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रस्तावित संयंत्र से प्रभावित होने वाले लोगों के लिए 5, 6, 7 मई, 2011 को…
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‘भूमि अधिग्रहण’ की समस्या पर ‘विचार-विमर्श’
साझी पहल का फैसला: संसद पर प्रदर्शन का निर्णय !
जन संघर्ष समन्वय समिति का गठन
‘भूमि अधिग्रहण’ की समस्या पर…
भूमि-अधिग्रहण के खिलाफ संयुक्त बैठक : दिल्ली चलो का ऐलान
बीजू भवन, श्यामचरनपुर, ढेंकनाल में 18-19 जुलाई 2011 को उड़ीसा के विभिन्न जन संघर्षों के प्रतिनिधियों का दो दिवसीय…
पोस्को कम्पनी को दी गयी वनभूमि के इस्तेमाल की इजाजत
पोस्को को हरी झण्डी: मामला आर्थिक-प्रौद्योगिकी-सामरिक महत्व का या कुछ और ?
फैसले का आधार देश में मौजूद कानून या सरकार द्वारा नियुक्त समितियों और विशेषज्ञों की संस्तुति तथा स्थानीय लोगों की मांग नहीं बल्कि राज्य सरकार के प्रति ‘निष्ठा एवं विश्वास’।
‘पोस्को जैसी परियेाजनायें आर्थिक-प्रौद्योगिकी तथा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण’ अतएव…
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