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राज्यवार रिपोर्टें
नर्मदा किसानी बचाओ जंग का हुआ आगाज : 4 जून को भोपाल में ‘जन अदालत’
29 जून, 2018| बड़वानी, मध्य प्रदेश : आज नर्मदा किनारे से बड़वानी के झंडा चौक से निकली हैं दसोंगाड़ियाँ। किसान, मजदूर, मछुआरे, केवट, धनगर और कारीगर भी शामिल है। इस आदिवासी क्षेत्र के हम भाई, बहन और सभी एकजुटता से अपनी माँ नर्मदा को बचाना चाहते हैं।
हमें पता है क्यों सूख रही है नर्मदा। हमें पता है कहाँ मोड़ रहे हैं नर्मदा का पानी। हमें पता है सरदार…
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जखोल-साकरी जलविद्युत परियोजना पर जनसुनवाई की नौंटकी; एक बार फिर लुटेंगे प्राकृतिक…
उत्तराखंड में यमुना घाटी में सुपिन नदी पर प्रस्तावित जखोल-साकरी जलविद्युत परियोजना, 44 मेगावाट, की जनसुनवाई 12 जून,…
मध्य प्रदेश : मुलताई गोलीकाण्ड के बीस साल बाद भी पूरी नहीं हुई मजिस्ट्रियल जाँच
-डॉ. सुनीलम
है न कमाल, 67 मुकदमे दर्ज हुए , 24 किसानों के नरसंहार करने वालों पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं…
मोदी सरकार ने कार्पोरेट मुनाफे के लिए बनाई कामर्सियल कोल माइनिंग निति : छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन
9 अप्रेल 2018 को छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन के द्वारा “निजी व्यापार के लिए कोयला उत्खनन व उर्जा निति, दुष्प्रभाव व भविष्य की चुनौती’’ विषय पर एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन वृन्दावन हॉल, रायपुर में आयोजित की गई l परिचर्चा में वक्ताओं ने कहा कि 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोयला देश की बहुमूल्य संपदा है, जिसका उपयोग केवल जनहित व देश की ज़रूरतों…
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राजस्थान : संविधान के साथ चल रहे खिलवाड़ के खिलाफ आयोजित हुआ संविधान बचाओ देश बचाओ…
7 अप्रैल 2018 को संविधान बचाओ, देश बचाओ के मुद्दे पर एक सम्मेलन राजस्थान नागरिक मंच, संवाद समूह, संविधानिक…
पहले जमीन छीन के बांध बनाया, अब पानी और मछली से भी किया वंचित
ग्राम भूला मोहगांव के मछुआरे जिनके घर पूरी तरह से डूब गये है। इनकी रोजी रोटी का एक मात्र सहारा पेंच नदी में…
गुजरात : किसानों पर छोड़े आंसू गैस के गोले
गुजरात के भावनगर में 1 अप्रेल 2018 को पुलिस और किसानों के बीच आपसी झड़प हुई। किसान भावनगर जिले के एक गांव में प्रस्तावित कोयला संयंत्र के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। इस झड़प में कई लोगों के घायल होने की सूचना है। किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं और बच्चों समेत प्रदर्शनकारियों के साथ हाथापाई की. घटना में अभी तक…
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उत्तराखण्ड : देवाल कस्बे ने एकजुटता के साथ उठाई आवाज पिंडर को अविरल बहने दो, हमें…
उत्तराखण्ड के पिंडर घाटी में पिछले दस सालों से पिंडर नदी पर बन रहे बांध के विरोध में चल रहे आंदोलन में 26 मार्च…
मारूती मजदूरों को आजीवन कारावास : ‘न्याय’ पर एक टिप्पणी
-पंकज त्यागी, वकील और मानवाधिकार संगठन कार्यकर्ता
न्याय का अर्थ आमतौर पर अन्याय से मुक्ति के रूप में लिया जाता है।…
मांगों के बदले दमन बन चुकी है भाजपा सरकार की नई जन नीतिः बेगा जनजाति के शांतिपूर्ण मार्च पर पुलिस का कहर
उधर नरेंद्र मोदी ने बनारस में बयान दिया कि अब आंदोलनों तथा प्रदर्शन से मांगे मनवाने का समय खत्म हो चुका है और इधर छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने उसपर अमल करना भी शुरु कर दिया। कान्हा तथा अचानकमार टाइगर रिजर्व को जोड़ने वाले टाइगर रिजर्व कॉरिडोर के खिलाफ छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पंडरिया ब्लॉक की बेगा जनजाति द्वारा निकाले जा रहे एक तीन दिवसीय…
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