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राज्यवार रिपोर्टें
नर्मदा घाटी के विस्तापितों की निर्णायक जंग में पुरा देश एकजूट
नर्मदा बचाओ आन्दोलन द्वारा आयोजित लोकमंच में आये राष्ट्रीय राजनीतिक दल के नेता सांसद, विधायक व सामाजिक संगठन के साथी
नर्मदा घाटी से करीबन 50000 से ज्यादा लोग हुए शामिल और शिवराज चौहान को दिखाया बिना सम्पूर्ण पुनर्वास हुए विस्थापितों का जनाधार
भोपाल के गोपाल से अब संवाद की अपेक्षा नहीं, लोगों के नाम पर कंपनियों को फायदा पहुंचा रही सरकार दे रही…
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जल संसाधन मंत्रालय पर नर्मदा घाटी के लोगों का कफ़न सत्याग्रह; दिल्ली पुलिस ने किया…
जल संसाधन मंत्रालय पर नर्मदा घाटी के लोगों का कफ़न सत्याग्रह
शांतिपूर्वक धरने पर दिल्ली पुलिस ने किया लाठी चार्ज,…
जंतर-मंतर पर कर्ज मुक्ति के लिए किसान संगठनों का विशाल प्रदर्शन 18 जुलाई को
किसानों की क़र्ज़ माफ़ी और फ़सलों के उचित मूल्य की मांग को लेकर किसान संगठन ‘अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय…
किसान मुक्ति यात्रा का सातवाँ दिन : किसान मुक्ति यात्रा और आज़ादी कूच ने एक मंच से किया दलित और किसान मुक्ति का आगाज़
*अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति*
*प्रेस नोट : 12 जुलाई, 2017*…
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किसान संघर्षों से बौखलाई बिजेपी सरकार : किसान मुक्ति यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक डॉ…
मध्य प्रदेश का किसान विरोधी और दमनकारी चेहरा देश के सामने
किसानों की समस्याओं को सामने लाने वाली किसान मुक्ति…
जबरन भूमि अधिग्रहण, कॉर्पोरेट लूट और सीएनटी-एसपीटी संशोधन अधिनियम के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान : देश भर के जनसंघर्षों ने रांची में लिया संकल्प
राँची, झारखण्ड | 30 जून 2017 : थियोलॉजिकल हॉल, गोस्नर मिशन कम्पाउंड, रांची में भूमि अधिकार आंदोलन के नेतृत्व में चल रहा दो दिवसीय जनसंघर्षों का राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। देश के 12 राज्यों से आए 400 से भी ज्यादा जनसंघर्षों के प्रतिनिधियों ने सम्मिलित स्वर में जबरन भूमि अधिग्रहण, कॉर्पोरेट लूट और सीएनटी-एसपीटी संशोधन अधिनियम के…
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प्राकृतिक संसाधनों की कॉर्पोरेट लूट किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं : भूमि अधिकार…
रांची, 29 जून 2017 : आज रांची के थेलॉजिकल हॉल, गोस्नर मिशन कम्पाउंड में भूमि अधिकार आंदोलन के बैनर तले दो…
झारखण्ड : सीएनटी-एसपीटी एक्ट संशोधन अध्यादेश के खिलाफ भूमि अधिकार आंदोलन का राष्ट्रीय सम्मेलन; रांची 29-30 जून 2017
झारखण्ड राज्य गठन के 16 साल बाद हालात यह हैं कि खनिज संपदा से भरपूर इस राज्य में प्राकृतिक संसाधनों की इस कदर लूट मची है कि आदिवासियों को एक बेहतर जीवन तो दूर उनका पूरा जीवन ही संकट में पड़ चुका है। झारखंड की लाखों एकड़ जमीन जिस पर आदिवासियों का कब्जा था । जबरन छीन कर कॉर्पोरेट्स को सौंपी जा चुकी है। इसी लूट को और तेज करने के लिए झारखण्ड…
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