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राज्यवार रिपोर्टें
बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध में झुंझुनू के किसानों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन; विधान सभा घेराव का ऐलान
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में बिजलीदरों में बढ़ोतरी, मनमर्जी से लोड बढ़ाने, गलत वीसीआर भरने के विरोध में बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति की ओर से 3 फरवरी 2017 को झुंझुनूं कलेक्ट्रेट पर किसानों ने प्रदर्शन किया । किसानों ने बिजली दरें कम करें, नवलगढ़ में बागड़-बिरला के प्रस्तावित सीमेंट प्लाटों को रद्द करने, किसानों को निशुल्क बिजली देने, किसानों का…
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चुटका परमाणु पॉवर प्लांट के विरोध में सदबुद्धि सत्याग्रह; 13 फरवरी, 2017
मध्य प्रदेश के पांचवीं अनुसूची वाले आदिवासी क्षेत्र मण्डला जिले में नारायणगंज तहसील के भूकम्प संवेदी एवं बरगी बांध…
हिंसा और शोषण के शिकार पंजाब के भूमिहीन दलित : मीडिया और राजनीति के हाशिए पर
इस विधानसभा चुनाव में पंजाब में हाशिये की राजनीति क्या परिणाम लेकर आएगी, इस बारे में कोई भी दावा हाशिये की बिखरी…
बिना मुआवजा दिए, ज़मीन से बेदखल किसानों पर पुलिसिया जुल्म : नेवली थर्मल पॉवर प्लांट के लिए जमीन की लूट पर पीयूसीएल की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के कानपूर के घाटमपुर तहसील के लहुरीमऊ गाँव में जबरन लगाए जा रहे नेवली पॉवर प्लांट के क्षेत्र का 11 जनवरी 2017 को पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) के एक स्वतंत्र जाँच दल ने दौरा किया । दल में पीयूसीएल कानपुर इकाई के अध्यक्ष विजय चावला, उपाध्यक्ष राम शंकर के साथ रिहाई मंच के शरद जायसवाल और राजीव यादव शामिल थे। यमुना के किनारे…
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साझा संघर्ष ने दिलाई करवास के किसानों को भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध जीत
कैलाश मीना
राजस्थान के जयपुर जिले की कोटपुतली तहसील के करवास गांव औऱ आसपास के गावों के ग्रामीणों ने एक…
नवलगढ़ के किसानों का बांगड़-बिरला सीमेंट प्लांटों के खिलाफ 2340 दिन से जारी है धरना
राजस्थान के झुंझुनू जिले के नवलगढ़ तहसील भवन के सामने किसान अपनी उपजाऊ जमीन बचाने के लिए 6 साल से घरने पर बैठे…
60 साल से विस्थापित आदिवासियों से धोखा : शोषण की नींव पर खड़ा है बोकारो इस्पात संयंत्र
झारखण्ड के बोकारो इस्पात संयंत्र के विस्थापितों के जुझारू संघर्ष ने एक बार फिर से सरकार की दोरंगी नीति को सामने ला दिया है। 3 जनवरी 2017 को बोकारो इस्पात संयंत्र के कूलिंग पौंड के अवैध निर्माण का विरोध कर रहे 10 विस्थापित नेताओं को धोखे से पकड़कर पुलिस ने 4 जनवरी को जेल भेज दिया है। पुलिसिया तानाशाही के विरोध में 19 जनवरी 2017 को हुए…
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प्राकृतिक संसाधन के असीमित लूट की हवस का परिणाम है ललमटिया खदान हादसा
झारखंड के गोड्डा जिलान्तर्गत कोल इंडिया के सहायक कंपनी इसीएल की राजमहल परियोजना के ललमटिया में भोड़ाय कोल माइंस…
बिड़ला हिंडाल्को के खिलाफ 15 वर्षों से कोरापूट के आदिवासियों का बहादुराना प्रतिरोध
उड़ीसा के कोरापूट जिले के सिमलीगुड़ा तहसली में स्थित है विशाल देव माली पर्वत। देव माली पर्वत यहां के स्थानीय…
तिलका मांझी शहादत दिवस : आदिविद्रोही तिलका मांझी को संघर्षों का क्रांतिकारी सलाम
भारत के औपनिवेशिक युद्धों के इतिहास में जबकि पहला आदिविद्रोही होने का श्रेय पहाड़िया आदिम आदिवासी समुदाय के लड़ाकों को जाता हैं जिन्होंने राजमहल, झारखंड की पहाड़ियों पर ब्रितानी हुकूमत से लोहा लिया। इन पहाड़िया लड़ाकों में सबसे लोकप्रिय आदिविद्रोही जबरा या जौराह पहाड़िया उर्फ तिलका मांझी हैं। 13 जनवरी 1785 को अंग्रेजों ने तब भागलपुर के चौराहे…
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