संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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राज्यवार रिपोर्टें

विकास यज्ञ में कोरबा के आदिवासियों की कब तक बलि देती रहेगी सरकार ?

राष्ट्र के निर्माण के लिए कोयला खनन एवं विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में कोरबा का विशेष योगदान है । इसके प्रति इस देश की सरकार एवं एसईसीएल को कृतज्ञ होना चाहिये । लेकिन इसके बजाय इनकी नीतियां इस क्षेत्र को बर्बाद करने की ही है और यहां के ग्रामीणों को बुनियादी मानवीय सुविधाओं तथा संवैधानिक अधिकारों से ही वंचित किया जा रहा है । मार्क्सवादी…
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राजस्थान के आदिवासियों ने किया दावा : जंगल हमारे हक हमारा

राजस्थान के जयपुर में एक जून से शहीद स्मारक पर ‘जवाब दो’ धरना जारी है. धरने में विभिन्न मुद्दों पर जन सुनवाईयां…

फर्जी मुठभेड़, सरेंडर, गिरफ्तारियां बयां करती हैं बस्तर की असली तस्वीर : एआईपीएफ…

रायपुर, 12 जून। अखिल भारतीय लोक मंच का 8 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल डॉ. सुनीलम, कविता कृष्णन, आराधना भार्गव, विनोद…

मोदी का विकास मॉडल : देश के पर्यावरण और आदिवासियों के लिए विनाश का मॉडल हैं

हसदेव अरण्य बचाओ सघर्ष समिति और छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन के द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून 2016 को छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के मदनपुर गाँव में एक दिवसीय ग्राम सभाओं की भुमिकाओं और चुनोतियों पर सम्मलेन का आयोजन. इस सम्मलेन में हसदेव अरण्य क्षेत्र की ग्राम सभाओ और पंचायत के प्रतिनिधियों सहित 1000 से अधिक…
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तमाम दबावों के बावजूद ऋचा फैक्ट्री, काशीपुर के मजदूरों का संघर्ष जारी

उत्तराखण्ड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर शहर में स्थित ऋचा फैक्ट्री के मजदूर फैक्ट्री में यूनियन खत्म करने के…

रमन सरकार का एक और कारनामा : बिना पुनर्वास दिए 702 दलित परिवारों को किया बेघर

छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर के हास्पिटल सेक्टर 9 में अभी तक पचास साल पुराने दो ब्लाक धराशायी ( बुलडोजर से तोडे…

कितनी भी यातनाएं दे ले पुलिस हम अपना नियामगिरी पर्वत नहीं छोड़ेगे : डोंगरिया कोंध

ओड़ीशा के नियमगिरि पर्वत पर नियमगिरि सुरक्षा समिति के तत्वाधान में सात दिवसीय पदयात्रा का आयोजन किया गया। 29 मई से 5 जून 2016 तक चली इस पदयात्रा में आस-पास के सैकड़ों गांवों के डोंगरिया कोंध आदिवासियों ने भाग लिया। पदयात्रा में मौजूदा विकास की अवधारणा तथा उससे प्रभावित हो रहे डोंगरिया कोंध आदिवासियों तथा समुदाय के लोगों पर किया जा रहा पुलिसिया…
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मणिपुर भवन पर प्रदर्शन करने गये आंदोलनकारियों पर बर्बर पुलिसिया दमन

7 जून को मणिपुरी ट्राइबल फोरम दिल्ली द्वारा 31 अगस्त 2015 को मणिपुर में पास किए गए तीन विवादास्पद बिलों के विरोध…

नर्मदा की जीवनशाला

शिरीष खरे पिछले 25 सालों में सरदार सरोवर बांध से नफा और नुकसान की मोटे तौर पर दो तस्वीरें हमारे दिलो-दिमाग पर उभरती हैं. पहली तस्वीर बिजली, पानी और विकास की गंगा के रूप में है तो दूसरी हजारों लागों के विस्थापन का दर्द लिए हाजिर है. नर्मदा घाटी के बाहर नर्मदा के आंदोलन को जानने की उत्सुकता हमेशा से बनी रही है. लेकिन यह बात कम ही लोग जानते…
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