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राज्यवार रिपोर्टें
छत्तीसगढ़: लोकतांत्रिक भारत का पुलिस राज
छत्तीसगढ़ में वर्तमान शासन व्यवस्था कमोवेश दमन और अत्याचार पर केंद्रित हो मनमानी पर उतर आई है। आजाद भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की इतनी अवहेलना शायद ही कभी हुई हो। साथ ही साथ नागरिकों के संविधान सम्मत अधिकारों का हरण वहां अब रोजमर्रा की दिनचर्या बन गई है। पेश है पुष्कर राज का सप्रेस से साभार यह आलेख;
पुलिस राज उस इलाके को…
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प्राकृतिक संसाधनों की लूट के खिलाफ नैनीसार में प्रतिरोध सभा
उत्तराखण्ड के नैनीसार इलाके में लंबे समय से जिंदल इंटरनेशनल आवासीय स्कूल के लिए किए गए जबरन भूमि अधिग्रहण के…
पोस्को : भ्रम व छल के बीच जारी है प्रतिरोध
पॉस्को परियोजना को एनजीटी द्वारा ओडीशा में मंजूरी न मिलने के बावजूद अभी तक पॉस्को की तरफ से…
पुलिसिया दमन के विरोध में नियामगिरी के आदिवासियों ने किया थाने का घेराव
नियामगिरी सुरक्षा समिति के सैकड़ों डोंगरिया कोंध जनजाति के लोगों ने 11 अप्रैल 2016 को पुलिस दमन के विरोध में मुनिगुड़ा पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन तहसीलदार तपन कुमार सतपथी के माध्यम से राज्यपाल को सौंपा। आदिवासियों का कहना है कि नियामगिरी पर्वत में निरंतर खनन के चलते उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही…
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भीम यात्रा : रोम के गुलामों की तरह निचोड़ा जा रहा है सफाई कर्मचारियों का खून
125 दिनों में देश के 5 राज्यों के 30 जिलों से होते हुए भीम यात्रा 12 अप्रैल को दिल्ली पहुंची। सफाई कर्मचारी…
दसरू कडरका की गिरफ्तार के विरोध में नियामगिरी आदिवासियों ने किया थाने का घेराव;…
7 अप्रैल 2016 को माओवादी होने के झूठे आरोप में गिरफ्तार नियामगिरी सुरक्षा समिति के युवा कार्यकर्ता दसरू कडरका की…
नियामगिरी आदिवासी दसरू कडरका गिरफ्तार : रिहाई के लिए आंदोलन तेज
नियामगिरी सुरक्षा समिति के पच्चीस वर्षीय कार्यकर्ता दसरू कडरका को 7 अप्रैल 2016 को मुनिगड़ा बाजार से माओवादी होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया जबकि गिरफ्तारी के समय न तो उसके पास से किसी तरह का कोई हथियार बरामद हुआ और न ही इस आरोप को प्रमाणित करता कोई सबूत। पुलिस ने उस पर आगजनी, लूट, हत्या और कॉम्बैट आपरेशन के दौरान पुलिस बल पर हमले जैसे…
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रमन सिंह के दमन के ख़िलाफ 9-10 मई को जंतर-मंतर पर पत्रकारों का प्रदर्शन !
जेल, उत्पीड़न, राज्य निकाला- छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार आज़ाद पत्रकारों को आजकल यही इनाम दे रही है। पत्रकार…
विकास के नाम पर भूमि की लूट
-विवेकानंद माथने
जमीन प्रकृति की देन है। उसके बिना सजीव सृष्टि के आस्तित्व की कल्पना नहीं की जा सकती। वह…
दमन सरकार का एक और कारनामा : हिंडाल्को ने चलाए आदिवासियों के घर पर बुलडोजर
हिंडाल्को कंपनी के दवाब में प्रशासन दुवारा घरों को तोड़े जाने का छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषियों पर कार्यवाही की मांग करता हैं .
1 अप्रैल 2016 को रायगढ़ जिले के तमनार ब्लाक के ग्राम बनखेता के तीन परिवारों के घरो पर जिला प्रशासन के द्वारा हिंडाल्को कंपनी के दवाब में स्वयं कम्पनी के अधिकारियो की मोजुदगी में घरो पर…
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