संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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अवैध खनन

भारत की पारिस्थितिक, भूवैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक विरासत की रक्षा हेतु अरावली पर्वत श्रृंखला से संबंधित निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार की अपील : छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन

केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को अरावली पर्वत श्रृंखला की एक नई परिभाषा को स्वीकार किया है। इस निर्णय के अनुसार, किसी भू-आकृति को अरावली परिदृश्य का हिस्सा तभी माना जाएगा जब उसकी ऊँचाई—ढलान और आसपास के क्षेत्रों सहित—स्थानीय भू-भाग से कम से कम 100…
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उड़ीसा : गायब होता गंधमार्दन पर्वत

ओडिशा के गंधमार्दन पर्वत पर एक बार फिर उत्खनन का हमला होने वाला है और इस बार यह निजी क्षेत्र की अडाणी कंपनी करने…

अवैध खनन : मणिपुर में HC का प्रतिबंध, मेघालय पर SC का 100 करोड़ जुर्माना

मणिपुर उच्च न्यायालय ने राज्य की सभी नदियों में अवैध पत्थर और रेत खनन पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है. साथ ही अदालत…

नीम का थाना क्षेत्र में जारी है जनसंघर्ष

राजस्थान व हरियाणा की सीमा पर अरावली पवर्तमालाओं के पहाड़ी क्षेत्र में नीम का थाना व उसके आस-पास कई गांव बसे हुए हैं। यह इलाका पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण  राजस्थान व हरियाणा के खान माफिया द्वारा पिछले कई सालों से अवैध खनन का शिकार है। यह अवैध खनन पुलिस प्रशासन व कांग्रेस-भाजपा के नेताओं की मिलीभगत से हो रहा है। इसी अवैध खनन के चलते पूरे…
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