संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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आदिवासी

मध्यप्रदेश: सिंगरौली में आदिवासियों को नजरबंद कर अडानी द्वारा 3 लाख पेड़ काटे जाने खिलाफ किसान संघर्ष समिति ने सौंपा ज्ञापन

किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व विधायक सुनीलम ने कहा कि सिंगरौली जिले के धिरौली क्षेत्र के अमरई, बासी के जंगल की 1400 हेक्टेयर वन भूमि को कोयला खनन के लिए अडानी को सौंपने से सिंगरौली का पर्यावरण पूरी तरह नष्ट हो जाएगा। पहले ही सिंगरौली देश का सर्वाधिक प्रदूषित शहर है। सुनीलम ने कहा कि तीन लाख बीस हजार पेड़ काटने से आठ गांव के हजारों…
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प्राकृतिक संसाधनों की लूट को रोकना-धरती आबा बिरसा मुंडा को सच्ची श्रद्धांजलि

धरती आबा बिरसा मुंडा के समय अंग्रेजों ने आदिवासी कृषि व्यवस्था को सामंती राज्य में बदलने की प्रक्रिया को तेज़ कर…

वन भूमि अतिक्रमण: सरकारी दावों में विरोधाभास,आदिवासियों के अधिकारों पर संकट

मध्यप्रदेश में वन भूमि अतिक्रमण को लेकर सरकारी आंकड़ों और दावों में गंभीर विरोधाभास सामने आया है।…

गुजरात: सरकारी अस्‍पताल के निजीकरण के प्रयासों के खिलाफ आदिवासी समुदाय का विरोध

दक्षिण गुजरात के तापी जिले में स्थित व्‍यारा के सरकारी अस्‍पताल और नव-स्वीकृत मेडिकल कॉलेज के निजीकरण के प्रयासों के खिलाफ आदिवासी समुदाय का विरोध अब राष्‍ट्रीय स्‍तर पर एक बड़ी आवाज़ में बदल चुका है। देशभर के जनसंगठनों, सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने गुजरात के राज्‍यपाल को पत्र लिखकर संविधान की पांचवीं अनुसूची…
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झारखंड: किसान किसी कीमत पर अदाणी को नहीं देंगे अपनी ज़मीन

हजारीबाग के बड़कागांव ब्लॉक के पांच गांवों गोंदुलपारा, गाली, बलादार, हाहे और फूलंगा के ग्रामीणों की बहुफसली कृषि…

मध्य प्रदेश : जंगल बचा रहे अलीराजपुर के आदिवासी

आजादी के पचहत्तर साल में वन अधिकार पर अब जाकर कुछ बातें हो रही हैं और परंपरागत वनवासियों को कहीं-कहीं पट्टे दिए भी दिये जा रहे हैं, लेकिन कुछ आदिवासी इलाके ऐसे हैं जहां जंगल को बचाने का विवेक और तकनीक बरसों से कायम है। मध्य प्रदेश का अलीराजपुर ऐसा ही एक जिला है, जिसे सबसे पिछड़ा माना जाता है, लेकिन यहां के लोग अपने अधिकारों को लेकर सबसे जागरूक…
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झारखण्ड : नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी संघर्ष के ऐतिहासिक सबक

सेना के गोला-बारूद की मारक क्षमता की जांच के लिए झारखंड के नेतरहाट में की जाने वाली चांदमारी करीब छह दशक बाद आखिर अब बंद होने जा रही है। आम तौर पर पिछडे, अशिक्षित माने जाने वाले लोगों की यह ऐतिहासिक जीत, उस इलाके के ग्रामीण-आदिवासियों की लंबी, लगातार चली एकजुटता और संघर्ष ने हासिल की है। प्रस्तुत है, इस संघर्ष की दास्तान पर आधारित कुमार कृष्णन का…
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