संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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महिला हिंसा

घरेलू हिंसा: घर की चुप्पी में दम तोड़ती आधी आबादी

भारत में घरेलू महिला हिंसा की ताज़ा तस्वीर गहरी चिंता पैदा करती है। WHO और NCRB के आँकड़े बताते हैं कि हर तीसरी महिला अपने ही साथी की हिंसा का शिकार होती है, लेकिन दर्ज मामले वास्तविक पीड़ा का छोटा हिस्सा हैं। सामाजिक कलंक, आर्थिक निर्भरता और चुप्पी की परंपरा मिलकर हिंसा को घर की दीवारों के भीतर छुपा देती हैं हमारी संवेदनशीलता पर तीखा सवाल छोड़ते…
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महिला हिंसा एवं साम्प्रदायिकता के विरोध में प्रदर्शन

26 अप्रैल 2015 को प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र ने साम्प्रदायिकता व नारी उत्पीड़न के विरोध में जंतर-मंतर, दिल्ली पर…