संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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Domestic Violence

घरेलू हिंसा: घर की चुप्पी में दम तोड़ती आधी आबादी

भारत में घरेलू महिला हिंसा की ताज़ा तस्वीर गहरी चिंता पैदा करती है। WHO और NCRB के आँकड़े बताते हैं कि हर तीसरी महिला अपने ही साथी की हिंसा का शिकार होती है, लेकिन दर्ज मामले वास्तविक पीड़ा का छोटा हिस्सा हैं। सामाजिक कलंक, आर्थिक निर्भरता और चुप्पी की परंपरा मिलकर हिंसा को घर की दीवारों के भीतर छुपा देती हैं हमारी संवेदनशीलता पर तीखा सवाल छोड़ते…
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