संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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Environment

अरावली पर्वतमाला बचाने के लिए देश के 37 रिटायर IFS ऑफिसर्स ने PM को लिखा पत्र

देश के 37 रिटायर IFS अधिकारियों ने अरावली पर्वतमाला बचाने एवं अरावली चिड़ियाघर सफारी को समाप्त किए जाने हेतु प्रधानमंत्री को  पत्र लिखा है। पूरे भारत से आए सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा, 'अरावली को संरक्षण की जरूरत है, चिड़ियाघर सफारी की नहीं'।  अप्रैल 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर…
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पांच राज्यों में चुनाव : खारिज होता पर्यावरण 

पांच राज्यों  में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को लुभाने हेतु दिये आश्वासनों या घोषणाओं में पर्यावरण…

छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क के खनन के लिए जंगलों की कटाई

छत्तीसगढ़ में देश का 19 फीसदी लौह अयस्क भंडार है और इसके खनन की वजह से पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है। छत्तीसगढ़…

राष्ट्रीय सम्मेलन : भूमि-वन-पर्यावरण कानूनों में प्रतिकूल और जन विरोधी संशोधनों की पोल खोल; 9 जुलाई 2018, दिल्ली

साथियों, वर्षों के लम्बे संघर्ष के बाद 2013 में भूमि अधिग्रहण क़ानून, 1894 रद्द हुआ और उचित मुआवजे का अधिकार, भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता, विस्थापन और पुनर्वास अधिनियम, 2013 (जिसे 2013 का भूमि कानून के रूप में भी जाना जाताहै) पारित हुआ। क़ानून पूरी तरह जनपक्षिय नहीं था लेकिन फिर भी परियोजना प्रभावितों के हित की बात, और कई हद तक किसानों तथा…
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