संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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Forest Conservation Act

प्राकृतिक संसाधनों की लूट को रोकना-धरती आबा बिरसा मुंडा को सच्ची श्रद्धांजलि

धरती आबा बिरसा मुंडा के समय अंग्रेजों ने आदिवासी कृषि व्यवस्था को सामंती राज्य में बदलने की प्रक्रिया को तेज़ कर दिया था। चूंकि आदिवासी अपनी आदिम तकनीक से अधिशेष पैदा नहीं कर सकते थे, इसलिए छोटानागपुर के प्रमुखों ने गैर-आदिवासी किसानों को भूमि पर बसने और खेती करने के लिए आमंत्रित किया। इससे आदिवासियों के पास मौजूद ज़मीनें उनसे अलग हो गईं। ठेकेदारों…
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छत्तीसगढ़: वन विभाग के अवैध आदेश के खिलाफ प्रदेशभर में ज़ोरदार विरोध-प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ में वनाधिकार कानून (FRA 2006) और ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ कल और…

वन भूमि अतिक्रमण: सरकारी दावों में विरोधाभास,आदिवासियों के अधिकारों पर संकट

मध्यप्रदेश में वन भूमि अतिक्रमण को लेकर सरकारी आंकड़ों और दावों में गंभीर विरोधाभास सामने आया है।…

वन विभाग की आधारहीन चिंताए!

उपनिवेशवादी प्रबंधन ने ही लोगों को वनों से दूर किया था। उनको फिर से वनों के साथ जोड़ने का यह कानून मौका देता है, जिसका लाभ होगा। डरने की जरूरत नहीं, बल्कि मिलकर बेहतर वन प्रबंधन विकसित करने पर ध्यान देने की जरूरत है। वन विभाग यदि अपनी विशेषज्ञता का उपयोग आने वाले समय में आजीविका वानिकी की ओर करें तो बेहतर होगा। ऐसे वन जो बिना काटे रोजी-रोटी दे…
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भूमि अधिकार आंदोलन का 30 जून 2023 को वन भूमि के अनियंत्रित दोहन और वन संरक्षण…

भूमि अधिकार आंदोलन की तरफ से अभिवादन! हम आशा करते है कि यह पत्र आपको कुशल स्वास्थ्य और पूरे उत्साह में प्राप्त हो।…