संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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बांध विरोधी आंदोलन

बीना बांध परियोजना : डूब प्रभावित किसानों ने राज्यपाल से मिलने का समय माँगा

मध्य प्रदेश, बेगमगंज 11 जुलाई 2018। बीना परियोजना प्रभावित किसानों की महापंचायत आज सुमेर में मुन्ना दाना की अध्यक्षता में आयोजित की गई। प्रभावित किसानों ने बताया की डूब में आने वाले गाँव सेमरी जलाशय से सिंचित हैं । तुल्सिपर जलाशय कीरतपुर जलाशय उमरखोह जलाशय तथा बीना नदी पर बने चंदामाऊ खिरिया परासरी, बहेरिया घाट, मानकी सलैया, महूना गुजर बीना नदी पर…
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बीना बांध परियोजना : 62 गाँव को उजाड़ कर बीना रिफायनरी को पानी दिया जायेगा –…

मध्य प्रदेश - राहतगढ़/बेगमगंज, 10 जुलाई 2018। बीना परियोजना प्रभावित किसानों की महापंचायत ग्राम खेजरामाफ़ी में आयोजित…

मध्य प्रदेश : बीना बांध में 62 गांवों का डूबना तय मुख्यमंत्री ने रखी आधार शिला,…

मध्य प्रदेश के रायसेन सागर जिले की सीमा पर प्रस्तावित बीना बांध का 62 गाँवों के निवासी शुरू से ही विरोध कर रहे है…

उचित मुआवज़ा व पुनर्वास न मिलने पर नर्मदा बांध विस्थापितों ने किया भू अर्जन पुनर्वास कार्यालय का घेराव

मध्य प्रदेश, बड़वानी 2 जुलाई 2018। सरदार सरोवर परियोजना से बड़वानी ज़िले के 65 से अधिक गाँव डूब में है। आज भी इन गाँवों का संपूर्ण पुनर्वास कानूनी तरीके से नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के द्वारा नहीं किया गया है। नर्मदा बचाओ आंदोलन के बैनर तले आज भू अर्जन पुनर्वास कार्यालय बडवानी का घेराव किया। बडवानी जिले के अधिकारियो से चर्चा की गई है, चर्चा में इन…
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प्रशासनिक खानापूर्ती पर जन एकता की जीत : जाखोल के ग्रामीणों ने रद्द करवाई जाखोल…

उत्तरकाशी जिला प्रशासन को 12 जून 2018 को आहूत जखोल साकरी परियोजना की जनसुनवाई रद्द करनी पड़ी। सैकड़ों ग्रामीणों ने…

नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं पर खनन माफिया का हमला

म.प्र. हाई कोर्ट , NGT के फैसले के बाद भी नर्मदा के तट पर अवैध उत्खनन जारी । नर्मदा मौत की कगार पर प्रशासन की…

नर्मदा किसानी बचाओ जंग का हुआ आगाज : 4 जून को भोपाल में ‘जन अदालत’

29 जून, 2018| बड़वानी, मध्य प्रदेश : आज नर्मदा किनारे से बड़वानी के झंडा चौक से निकली हैं दसोंगाड़ियाँ। किसान, मजदूर, मछुआरे, केवट, धनगर और कारीगर भी शामिल है। इस आदिवासी क्षेत्र के हम भाई, बहन और सभी एकजुटता से अपनी माँ नर्मदा को बचाना चाहते हैं। हमें पता है क्यों सूख रही है नर्मदा। हमें पता है कहाँ मोड़ रहे हैं नर्मदा का पानी। हमें पता है सरदार…
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पहले जमीन छीन के बांध बनाया, अब पानी और मछली से भी किया वंचित

ग्राम भूला मोहगांव के मछुआरे जिनके घर पूरी तरह से डूब गये है। इनकी रोजी रोटी का एक मात्र सहारा पेंच नदी में…

उत्तराखण्ड : देवाल कस्बे ने एकजुटता के साथ उठाई आवाज पिंडर को अविरल बहने दो, हमें सुरक्षित रहने दो !

उत्तराखण्ड के पिंडर घाटी में पिछले दस सालों से पिंडर नदी पर बन रहे बांध के विरोध में चल रहे आंदोलन में 26 मार्च 2018 को एक बार फिर सुगबुगाहट दिखाई दी। देवाल कस्बे के विभिन्न गांवों से आए लोगों ने सरकार के सामने मजबूती से प्रदर्शन करते हुए मांग की कि पिंडर को अविरल बहने दिया जाए। हम यहां आपके साथ माटू जन संगठन तथा भू-स्वामी संघर्ष समिति की प्रेस…
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