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उत्तर प्रदेश
सरकार एवं जे0 पी0 कम्पनी के खिलाफ ‘आवाज उठाओगे तो भुगतोगे’
कानून का मखौल इस तरह उड़ाया जा रहा है कि लगता ही नहीं कि यहां कानून का राज कायम है। कहने को तो तमाम अधिकार लोगों को दिये गये हैं परंतु जब इनका उपयोग आप शासन-प्रशासन या कारपोरेट घरानों की मनमर्जी के खिलाफ करने के लिए आगे बढ़ते हैं तब समझ में आता है कि हम ‘लोकतंत्र’ में नहीं बल्कि ‘कारपोरेट तन्त्र’ में जीवित रहने को विवश किये जा रहे हैं और हमारी…
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गंगा एक्सप्रेस-वे तथा भूमि अधिग्रहण का विरोध तेज़ : किसान करेंगे बलिया से नोएडा तक…
20 अगस्त 2011 को इलाहाबाद में एक बैठक हुई जिसमें उ. प्र. में गंगा एक्सप्रेस-वे और अन्य परियोजनाओं के लिये हो रहे…
गंगा एक्सप्रेस-वे एवं भूमि अधिग्रहण क्यों और किसके हित में
9-10 अप्रैल 2011 को कृषि-भूमि बचाओ मोर्चा, उ. प्र. के तत्वावधान में सर्व सेवा संघ, राजघाट, वाराणसी, उ. प्र. में दो…
उत्तर प्रदेश की भूमि अधिग्रहण की नयी नीति
भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों पर गोलियां चलवाने तथा दिसंबर 2009 से जुलाई 2011 के बीच 6 बड़े-बड़े भूमि-अधिग्रहणों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा अवैध घोषित किये जाने के रिकार्डों से गदगद या आहत उत्तर प्रदेश सरकार एक नयी भूमि अधिग्रहण नीति के साथ मैदान में आयी है, अपनी बदनुमा छबि को सुधाने की जुगत में। 2 जून 2011, को उत्तर प्रदेश सरकार…
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करछना के किसानों पर जारी है दमन
करछना (इलाहाबाद) के किसानों की जमीन छीनने पर आमादा प्रशासन अब फर्जी चौपालों का सहारा ले रहा है। प्रशासन द्वारा…
जारी है भूमि-अधिग्रहण के खिलाफ संघर्षरत किसानों पर बर्बर दमन
उत्तर प्रदेश में भूमि-अधिग्रहण के मुद्दे पर किसानों तथा प्रशासन के टकराव की हिंसक घटनायें राज्य सरकार तथा केन्द्रीय…
महिला कामगारों के संघर्ष
जहां एक तरफ स्वयं सहायता समूह के जाल में फंसी तथा कर्ज से कराहती महिलायें आत्महत्या करने को विवश हो रही हैं वहीं उत्तर प्रदेश राज्य के कानपुर तथा राजस्थान राज्य के जयपुर शहरों में घरों में काम करने वाली महिलायें अपनी एकता एवं जागरूकता के बल पर अपने आपको एक बेहतर कल के लिए तैयार कर रही हैं।
कानपुर शहर पिछले समय में अवसाद एवं निराशा से ग्रस्त…
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जे.पी. पॉवर प्लांट के लिए अधिग्रहीत कृषि भूमि के खिलाफ संघर्ष जारी…
लिखित वादे से मुकरा जिला प्रशासन धमकी पर आमादा
घायल किसान शहीद
अपनी जीविका, जमीन तथा कृषि बचाने के…
कनहर नदी पर बँध रहे बाँध की त्रासदी
सोनभद्र का विकास वनाम विस्थापन
सोनभद्र का इलाका औद्योगिक विकास के लिहाज से प्रदेश में एक बडी हैसियत रखता…
तीन राज्यों के 80 गांवों/बस्तियों को जल समाधि देने एवं कनहर तथा पाँगन नदियों की मौत का ऐलान है कनहर बाँध परियोजना
उत्तर प्रदेश सरकार का यह विकास का मन्दिर नहीं स्वीकार लोगों को.
‘‘धरती मैया की जय’’ के नारे के साथ कनहर बचाओ आंदोलन ने फिर कसी कमर।
गाँवों में बैठकें, रणनीति का फैसला, संकल्प सभा, हजारों ने की पदयात्रा, जिला मुख्यालय तक पदयात्रा करने पर रोक, तहसील का किया घेराव और न्यायालय जाने की तैयारी।
अपने जन्मदिन 15 जनवरी 2011 को उ. प्र. की मुख्यमंत्री…
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