.
उड़ीसा
नियमगिरी में कारपोरेट और राज्य सत्ता को कड़ी टक्कर देते आदिवासी
नियमगिरि के आदिवासी वेदांता के विरोध में कालाहांडी जिलाधिकारी के कार्यालय पर 10 जनवरी 2013 को प्रदर्शन करेंगे
नियमगिरी का जुझारू जन-आंदोलन अब निर्णायक स्थिति में पहुँच गया है. आगामी 11 जनवरी को ग्रीन बेंच में खनन की स्वीकृति को लेकर सुनवाई होनी है जिसके विरोध में आंदोलन कमर कस चुका है. ज्ञात हो कि 13 अक्टूबर 2012 से वेदान्त की …
और पढ़े...
धिनकिया ग्रामसभा: पॅास्को के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
पॉस्को स्टील प्लांट के विरोध में ग्राम सभाएं खुलकर सामने आने लगी हैं । हाल ही में धिनकिया ग्राम सभा ने सर्वसम्मति…
जिंदल : नहीं थमा है अंगुल के विस्थापितों पर दमन
25 जनवरी 2012 को अंगुल में प्रभावित तथा विस्थापितों के ऊपर जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड द्वारा हिंसात्मक…
पोस्को: बर्बर दमन व छल के बीच जारी है प्रतिरोध
देश के नागरिकों से अपील उड़ीसा के जगतसिंहपुर में दक्षिण कोरिया की कम्पनी पोस्को को ज़मीन ना देने के लिये गाँव वाले सत्याग्रह कर रहे हैं. सरकार ने तीन गाँव की महिलाओं और पुरुषों पर एफआईआर बना दी है. महिलायें बच्चे बूढ़े बिना दवा के हैं. वहाँ से प्रशांत पैकरे का सन्देश आया है कि तुरंत दवाइयां और डाक्टर भेजिए. लोग बहुत बीमार हैं. अस्पताल जाने के लिए गाँव…
और पढ़े...
पॉस्को परियोजना रद्द करो ! भारत को आजाद करो !
22 जून, 2012 को पॉस्को और सरकार के बीच समझौते पर हस्ताक्षर करने के 7 वर्ष पूरे होने के मौके पर पॉस्को प्रतिरोध…
पोस्को परियोजना रद्द करो! भारत को आज़ाद करो !
प्रिय साथियों
हम उड़ीसा से आया यह भारतीय नागरिकों के नाम अपील पत्र हिन्दी में अनूदित कर आप तक…
उड़ीसा के जनसंघर्ष: सबक और चुनौतियां
उड़ीसा के जनसंघर्ष: सबक और चुनौतियां - धीरेन्द्र प्रताप सिंह
और पढ़े...
राजनीतिक दलों ने पोस्को हिंसा की न्यायिक जांच की मांग की
ओडिशा में राजनीतिक दलों ने परादीप के पास पास्को इस्पात संयंत्र स्थल पर हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत के लिए…
सरकार, माफिया, कंपनी और ठेकेदारों का गठजोड़: पोस्को विरोधी आंदोलनकारियों पर…
14 दिसंबर, 2011 को दोपहर के लगभग 1.30 बजे 500 से ज्यादा हथियारबंद गुंडे माफिया डान बापी के नेतृत्व में पारादीप…
आदिवासी सम्मेलन का हिंसात्मक दमन : 9 आदिवासी हिरासत में तथा एक घायल
राज्य एक तरफ भाषा-संस्कृति की रक्षा तथा उन्नयन पर करोड़ों रुपये का प्रावधान करके काम करने की बात कहता रहता है। वहीं जब आदिवासी समुदाय अपनी ‘भाषा-संस्कृति’ की रक्षा के लिए कोई आयोजन करने के लिए आगे बढ़ता है तो उसे राज्य नियोजित दमन और हिंसा का निर्मम सामना करना पड़ता है।
21 फरवरी 2012 को कोरापुट जिले के नारायणपटना तथा बंधुगन ब्लाक में तकरीबन…
और पढ़े...