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छत्तीसगढ़
कोयला सत्याग्रह : ये गारे गांव के गाँधी हैं ?
गांधी जयंती के मौक़े पर छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के कोई 14 गांवों के किसानों ने कोयला क़ानून तोड़ने का साहसी काम किया। कोयले पर अपनी दावेदारी दर्शाने के लिए उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से अपनी ज़मीन से कोयला खोदा। नारा दिया कि ज़मीन हमारी तो कोयला भी हमारा। किसानों का यह क़दम इस नारे को सच में बदले जाने के संघर्ष की शुरूआत है। पेश है इस…
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अब ये लोग गोली चलायेंगे
फ़ाइल तस्वीर
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (छमुमो) के नेता शंकर गुहा नियोगी ने आजादी के बाद श्रमिक आंदोलन को नई…
गढ़वा में प्रस्तावित कनहर बांध पर छत्तीसगढ़ सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करें- माकपा
रायपुर। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने झारखंड के गढ़वा जिले में कनहर नदी पर प्रस्तावित बांध के संबंध में…
दंतेवाड़ा का दूसरा पक्ष – नंदिनी सुन्दर
मोदी की दंतेवाड़ा यात्रा पर नंदिनी सुन्दर का आलेख जिसे अमर उजाला से साभार साझा किया जा रहा है;
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दंतेवाड़ा यात्रा के लिए सराहना की जानी चाहिए। लेकिन पिछले प्रधानमंत्री की यात्रा के विपरीत, जिन्होंने जैव विविधता और आदिवासी लोगों को हुए असाध्य नुकसान के कारण बोधघाट जलविद्युत परियोजना बंद कर दी थी, मोदी को यहां सिर्फ…
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बस्तर में अल्ट्रा मेगा स्टील प्लांट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू
NDTV से साभार
बस्तर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बस्तर यात्रा के 24 घंटे के भीतर ही उन गांवों में…
छत्तीसगढ़ : भूअर्जन अध्यादेश और कॉरपोरेट राज के खिलाफ रैली !
गुजरी 15 मार्च 2015 को छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन के बैनर तले जशपुर जिले के कांसाबेल ब्लोक पर भूअधिग्रहण अध्यादेश…
दिल्ली में उठी छत्तीसगढ़ की बीस ग्राम सभाओं की आवाज़
14 जनवरी 2015 को दिल्ली में छत्तीसगढ़ की 20 ग्राम सभाओं ने किये प्रस्ताव, सरकार से आग्रह किया कि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करें और कोयला खदान की नीलामी अथवा आवंटन न करें। छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन की विज्ञप्ति हम जनपथ से साभार प्रकाशित कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा, कोरबा तथा रायगढ़ में स्थित घने जंगल एवं जैव-विविधता से परिपूर्ण…
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पुलिस की बर्बरता: कहानी इतनी आसान नहीं
देश के आमजन पर पुलिस बर्बरता सिर्फ सिपाहियों की भर्ती प्रक्रिया में हुई धांधली की वजह से है या फिर इसका…
राज्यपालों का बेगानापन
पांचवी अनुसूची के अंतर्गत अधिसूचित क्षेत्रों के संबंध में संविधान में राज्यपालों के कर्त्तव्य सुनिश्चित किए गए…
सोनी सोरी को इंसाफ़ चाहिए
आदियोग
सोनी सोरी का मामला एक बार फिर सतह पर है। देश के प्रमुख महिला संगठनों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को भेजी गयी अपनी साझा चिट्ठी में इस बात पर गहरी नाराज़गी ज़ाहिर की है कि राज्य सरकार यह जांच करवा रही है कि सोनी सोरी कहीं दिमाग़ी तौर पर बीमार तो नहीं। यह चिट्ठी गुज़री 11 अप्रैल को जारी हुई जिस दिन राष्ट्रीय मानवाधिकार…
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