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झारखण्ड
झारखण्ड : 23 बैठकों के बाद भी नहीं सुलझ सके डिमना बांध विस्थापितों के मुद्दे
सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए लिए गए डिमना डैम की ज़मीन को टाटा कंपनी अपनी निजी जमीन की तरह मानती है। शहर को पीने का पानी देने वाले स्रोत क्या टाटा कंपनी के हो सकते है? फिर आखिर क्यों टाटा कंपनी को लीज पर मिली ज़मीन को कंपनी अधिकारी अपना मान बैठे हैं? विस्थापितों को मूल सुविधाओं से वंचित क्यों किया जा रहा है? इन सवालों को लेकर डिमना डैम के विस्थापितों…
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झारखण्ड : कोल ब्लॉक के खिलाफ गोलबंद दुमका के आदिवासी, गांवों में गूंजते नारे…
झारखंड में दुमका जिले के शिकारीपाड़ा इलाके के गांवों में प्रस्तावित कोल ब्लॉक के खिलाफ आदिवासियों की गोलबंद तेज है.…
झारखंड : लैंड बैंक और वन अधिकार
झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 55 मिलोमीटर की दूरी पर खूंटी जिले के मुड़हू प्रखंड में स्थिति है मुंडाओं का गांव…
जनांदोलनों पर राज्य का कसता शिंकजा : अर्थशास्त्री तथा सामाजिक कार्यकर्ता ज्यां द्रेज को झारखंड पुलिस ने लिया हिरासत में
नई दिल्ली। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और सामाजिक कार्यकर्ता ज्यां द्रेज को झारखंड पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह घटना सूबे के गढ़वा जिले में हुई। द्रेज को हिरासत में लेकर स्थानीय विष्णुपुरा पुलिस स्टेशन में रखा गया है।
भोजन के अधिकार आंदोलन से जुड़े सिराज ने बताया कि ज्यां द्रेज और विवेक समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता वहां सभा कर रहे थे। तभी बीच में…
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झारखण्ड : लाखों आदिवासियों को जंगल से जबरन बेदखल करने के खिलाफ पुतला दहन; अल्बर्ट…
आईये, हज़ारों में . . .
आदिवासियों के जबरदस्त बेदखल के खिलाफ
केंद्रीय आदिवासी मोर्चा की ओर से आयोजित प्रदर्शन…
झारखण्ड : सात दिन से अनशन पर इंचागड के आदिवासी
-सुनील हेम्ब्रम
झारखण्ड 27 फरवरी 2019. तालाब निर्माण में हो रही गड़बड़ी और अनियमितता के खिलाफ इंचागड विधानसभा…
आदिवासियों के साथ ऐतिहासिक अन्याय को दुरुस्त करते करते अन्याय को स्थाई कर दिया सर्वोच्च न्यायालय ने
हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आदिवासियों को वन भूमि से हटाने के दिए गए निर्देश ने संविधान और संवैधानिक मूल्यों के प्रश्न को राष्ट्रीय पटल पर लाकर खड़ा कर दिया गया। आदिवासियों के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय को दुरुस्त करने के लिए 2006 में बनाए गए वनाधिकार अधिनियम को पूरी तरह से ताक पर रखते हुए आज लाखों लाख आदिवासियों को विस्थापन के कगार पर लाकर…
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झारखण्ड में विपक्षी गठबंधन में जन आंदोलनों की हिस्सेदारी से ही भाजपा और आरएसएस को…
24 फ़रवरी 2019। झारखण्ड की राजधानी रांची के लोयोला सभागार में जन आंदोलन के संयुक्त मोर्चा ने लोकसभा चुनाव 2019 मे…
पांचवां दिन : जल-जंगल-जमीन के अधिकार के लिए सड़क पर उतरे आदिवासी, हजारीबाग से…
24 फ़रवरी 2019 झारखण्ड के हजारीबाग से लगभग 10 हजार आदिवासियों का मार्च आज काजू घाटी से गुजर चुका हैं. ये वो घाटी है…
सुप्रीम कोर्ट का फरमान : इक्कीस राज्यों के दस लाख आदिवासी खाली करें ज़मीन
सुप्रीम कोर्ट ने बीती 13 फरवरी को एक बेहद अहम फैसला सुनाते हुए 21 राज्यों को आदेश दिए हैं कि वे अनुसूचित जनजातियों और अन्य पारंपरिक वनवासियों को जंगल की ज़मीन से बेदखल कर के जमीनें खाली करवाएं। कोर्ट ने भारतीय वन्य सर्वेक्षण को निर्देश दिए हैं कि वह इन राज्यों में वन क्षेत्रों का उपग्रह से सर्वेक्षण कर के कब्ज़े की स्थिति को सामने लाए और इलाका…
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