संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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दिल्ली

मोदी का कार्पोरेट्स को एक और तोहफा : राष्ट्रीय खनिज उत्खनन निति को मंजूरी, आदिवासियों को नई मुसीबत

संकेत ठाकुर मोदी सरकार ने 29 जून को सातवे वेतन आयोग की अनुशंसा को अपनाने के साथ साथ बड़ी चतुराई से राष्ट्रीय खनिज एक्सप्लोरेशन पालिसी को हरी झण्डी दे दी । इसके तहत निजी संस्थाओ को खनिज सम्पदा का खजाना ढूंढने के लिए सरकार ने अनेक रियायत देने का प्रावधान है जिसमे खनिज से मिलने वाले राजस्व में सम्बंधित कम्पनी को भी एक हिस्सा दिया जायेगा ।…
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9 अगस्त 2016 : भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष पुरे होने के अवसर पर देश भर के जन संगठनों द्वारा आयोजित कार्यक्रम

प्रिय साथी, जिंदाबाद! आशा है आप 9 अगस्त 2016 को अगस्त क्रांति की याद में जनक्रांति दिवस मनाने के कार्यक्रम की तैयारी कर रहे होंगे। मैंने आपको जन क्रांति दिवस के पर्चे, बैनर का मजनून भेजा है तथा अगस्त क्रांति पर अंग्रेजी और हिंदी में लेख भेज रहा हूं। 2 अगस्त को पीसीएसडीएस की बैठक में इरोम शर्मिला के 16 वर्ष तक AFSPA (एएफपीएसए )रद्द कराने की…
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श्री श्री यमुना विवाद : नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूलन के इतिहास में ऐसी दबंगई पहली बार

नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूलन (एनजीटी) के आदेश की अवमानना करना इस देश में कोई नई परिघटना नहीं है। अब तक न जाने कितने…

जल-हल-पदयात्रा : समझ, संकल्प और इक्छाशक्ती का अकाल – योगेन्द्र यादव

जल-हल-पद यात्रा के समापन पर योगेन्द्र यादव ने कहा –बुंदेलखंड में पशुओ के लिए चारा , पानी का संकट सरकार…

किसान क्रेडिट कार्ड : किसानों की लूट का कार्ड

- बैंक के दलाल और बैंकमित्र दिलवाते है एक से अधिक बैंकों से कर्जा !!! - तयशुदा कमीशन दीजिये और मनमाफिक कर्जा लीजिये ! आशीष सागर 18 मई बाँदा - बुंदेलखंड के सात जिले उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने सुखाप्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिए है ! केंद्रीय दल को मुख्यमंत्री के इस कदम की प्रतीक्षा थी ताकि वे यहाँ आकर किसानों का सूरते हाल ले सके !…
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रमन सिंह के दमन के ख़िलाफ : 10 मई 2016 को जंतर-मंतर पर पत्रकारों का प्रदर्शन

पत्रकार सुरक्षा कानून संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले छत्तीसगढ़ के पत्रकारों द्वारा 10 मई 2016 को सुबह 10 बजे…

कोयला निगल सकता है भारत के जल स्रोतः ग्रीनपीस इंडिया

417 कोयला ब्लॉक अक्षत क्षेत्र में नई दिल्ली। 5 अप्रैल 2016। एक तरफ भारत में लगातार सूखे की खबर सूर्खियों में है तो दूसरी तरफ ग्रीनपीस को मिली जानकारी के अनुसार भारत सरकार उन नीतियों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जिन्हें देश के प्राचीन जंगलों, वन्यजीव और जल स्रोतों को बचाने के लिये बनाया गया है। हाइड्रोलॉजिकल मापदंडों के आधार पर…
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