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दिल्ली
कोलंबस के बाद जमीन की सबसे बड़ी लूट
पिछले कुछ सालों में किसानों के खेती छोड़ने की दर भी बढ़ी है. शहरी मजदूर के रूप में उनका पलायन बढ़ा है. जब किसान खेती छोड़ रहा है तो आखिर भूमि अधिग्रहण के ख़िलाफ़ संघर्ष कौन कर रहा है और क्यों? देश भर के किसान आंदोलनों, खेती और किसानी की दुश्वारियों, जमीनों पर पसरते रियल इस्टेट के जाल पर अलग-अलग हिस्सों में घूमकर किए गए अध्ययन पर अभिषेक…
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डॉक्टर ब्रह्मदेव शर्मा नहीं रहे
पेशे से भारतीय प्रशासनिक सेवा(आईएएस) के अधिकारी, शिक्षा से गणित में पीएचडी लेकिन ज़िंदगी भर आदिवासियों की लड़ाई…
भारत-जापान परमाणु समझौते के विरोध में खड़े हो रहे आदिवासी, किसान मछुआरे
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे 11 से 13 दिसम्बर 2015 को तीन दिनों की यात्रा पर भारत आएँगे। इस दौरान उनके बनारस…
वनाधिकार दिवस पर चेतावनी रैली; नई दिल्ली, 15 दिसम्बर 2015
वनाधिकार दिवस पर चेतावनी रैली, नई दिल्ली 15 दिसम्बर 2015
भूमि अधिकार आंदोलन के बैनर तले
वनाधिकार दिवस के मौके पर
चेतावनी रैली
संसद की ओर मार्च
जंतर-मंतर, नई दिल्ली
समय: सुबह 11 बजे से 4 बजे सायं
वन व अन्य प्राकृतिक संपदा पर वनाश्रित समुदायों के स्वतंत्र एवं पूर्ण अधिकार का विषय वनाधिकार आंदोलन में हमेशा से प्रमुख रहा है। अंग्रेज़ी राज…
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राष्ट्रीय सम्मेलन : समाज-संसाधन-संविधान बचाओ; 6 दिसम्बर 2015, नयी दिल्ली
26 जनवरी 2015 को प्रकाशित एक सरकारी विज्ञापन (संख्या-डीएवीपी 22201/13/0048/1415) में संविधान की प्रस्तावना के…
फुकुशिमा अब और नहीं : भारत-जापान परमाणु समझौते का विरोध करें !
जापान के प्रधानमंत्री श्री शिंज़ो आबे की आगामी भारत-यात्रा के दौरान परमाणु डील होने की खबर है जिसका भारत और जापान…
इरोम शर्मिला: दमदार अनशन के 15 वर्ष
विशेष सशस्त्र बल अधिनियम के खिलाफ इरोम शर्मिला के अनशन के 15 वर्ष पूरे हो गए है। भारतीय लोकतंत्र को सर्वाधिक लज्जित करने वाली इस घटना से न तो कांग्रेस और न ही भाजपा नीत सरकारें छुटकारा दिलवाना चाहती है। कोढ़ में खाज की तरह अब मेघालय स्थित गोरा पहाड़ियों के अशांत क्षेत्र में भी इस कानून को लागू करने की मांग उठ रही है। इरोम के अनशन को नैतिक समर्थन देता…
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‘हिन्दू फासीवाद और मीडिया’ विषय पर सेमिनार
27 सितम्बर 2015 को ‘नागरिक’ पाक्षिक पत्र द्वारा भगत सिंह के जन्म दिवस पर ‘हिन्दू फासीवाद और मीडिया’ विषय पर गांधी…
दिल्ली में बिगड़ते स्वास्थ हालात के विरोध में सचिवालय पर प्रतिरोध प्रदर्शन; 23…
प्रतिरोध प्रदर्शन
दिल्ली में बिगड़ते स्वास्थ हालात के विरोध में एक जरुरी आह्वान
23 सितम्बर 2015 को दिन में…
ग्रीनपीस को मिली मद्रास हाईकोर्ट से राहत, एफसीआरए रद्द होने के मामले में गृह मंत्रालय के फैसले पर अंतरिम रोक
चेन्नई। 16 सितंबर 2015। आज भारतीय न्यायालय ने ग्रीनपीस को केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अनुचित कार्यवायी से पांचवी बार सुरक्षा दिया है। मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश एम एम सुन्दरेश ने ग्रीनपीस को अंतरिम राहत देते हुए ग्रीनपीस के एफसीआरए को रद्द किये जाने के निर्णय पर आठ हफ्ते तक की रोक लगा दी है। उन्होंने संस्था के वकील को गृह मंत्रालय को नोटिस भेजने का…
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