संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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दिल्ली

भूमि अधिग्रहण बिल पर मोदी सरकार की जल्दबाजी पर जन संगठन एकजूट

“भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्यर्वस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार (दूसरा संशोधित बिल, 2015)”, पर सुझाव देने की समय सीमा बढ़ाई जाए ! भूमि अधिग्रहण पर जनता की राय जानने के लिए देश के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर जन विमर्श सम्मेलनों और जनसुनवाईयों को आयोजित करे संयुक्त संसदीय समिति !! 5 जून 2015, दिल्ली । भूमि…
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भूमि अधिग्रहण बिल पर गठित संयुक्त संसदीय समिति की अंतिम तारीख को बढ़ाये जाने की…

प्रेस आमंत्रण 5 जून 2015, 4: 00 बजे स्थल : इंडियन विमेंस प्रेस कोर्प (आईडब्ल्यूपीसी), 5, विंडसर प्लेस,…

भू-हड़प अध्यादेश का वार, अबकी बार तीसरी बार : डॉ सुनीलम का जेपीसी अध्यक्ष को खुला पत्र

भू-अधिग्रहण अध्यादेश पर मोदी सरकार के अलोकतांत्रिक और कार्पोरेट-हितैषी रवैये के खिलाफ पिछले एक साल से देश भर में किसानों और लोकताांत्रिक समूह विरोध प्रदर्शन करते आ रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद तीसरी बार सरकार द्वारा अध्यादेश का सहारा लेना पूरी तरह देश के जनमानस और लोकतंत्र का मखौल उड़ाना है. संसद के आगामी मानसून सत्र में संयुक्त संसदीय…
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मोदी के खिलाफ़ आवाज़ उठाने पर दलित छात्रों के समूह पर प्रतिबंध

साभार: आउटलुक चेन्‍नई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की आलोचना की वजह से आईआईटी मद्रास ने एक…

आस्ट्रेलिया में अडानी के खनन-प्रोजेक्ट से प्रभावित अश्वेत मूलनिवासियों ने छेड़ा आंदोलन

कार्पोरेट हितों के लिए आदिवासियों, ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों की ज़िन्दगियों से खिलवाड़ का दौर भारत में ही नहीं, पूरी दुनिया में जारी है और शोषक जमात के तार राष्ट्रीय सीमाओं के पार जाकर एक-दूसरे से जुड़ते हैं. जहां भारत के जंगलों, खेतों और खदानों को विदेशी कार्पोरेट के मुनाफे चारागाह में बदल दिया गया है वहीं भारत के नए-पुराने थैलीशाह भी…
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16 मई के बाद की बदली परिस्थिति और सांस्‍कृतिक चुनौतियां पर राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी :…

मित्रों,जैसा कि आपको पता होगा कि 16 मई, 2014 को इस देश में निज़ाम बदलने के बाद कुछ कवियों, पत्रकारों और…

पोखरण: राष्ट्रीय स्वाभिमान बनाम राइट हैण्ड ड्राईव

पोखरण परमाणु परीक्षणों का विरोध सिर्फ शान्ति के सरोकार से नहीं बल्कि इस देश के लोकतंत्र के लिहाज़ से भी ज़रूरी है.…

संघर्ष की तस्वीर हुई थोड़ी और साफ़, किसानों ने भू-हड़प बिल के खिलाफ छेड़ी निर्णायक जंग

पिछले कई महीनों से ज़मीन अधिग्रहण अध्यादेश के मुद्दे मोदी सरकार के खिलाफ चल रही लड़ाई का स्वरुप आज दिल्ली के जंतर मंतर पर कुछ और साफ़ हो गया, जहां देश भर से आए किसानों ने मई की चिलचिलाती धूप में अपने पसीने से आंदोलन की लकीर खींच दी। किसान और ज़मीन के मुद्दे पर एक तरफ राजनीतिक गलियारों में दिशाहीन दलीलें और दूसरी तरफ किसानों की तकदीर को अन्ना हज़ारे…
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