संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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दिल्ली

ईंट भट्टा मजदूरों पर एक नजर

ईंट भट्टा मजदूरों की आपात स्थिति को उजागर करता सुनील का महत्वपूर्ण आलेख; जहां उद्योग लगते हैं उस इलाके में माल के आवागमन के लिए रोड, बाजार का विकास होता है। एक ऐसा भी उद्योग है जहां सड़क के नाम पर सिर्फ पगंडडी होती है, बाजार 3-4 कि.मी. की दूरी पर होता है। जहां ये मजदूर अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए 15 दिन पर जाकर खरीददारी कर पाते हैं। इस…
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महिला दिवस पर आजाद मैदान से मुम्बई-दिल्ली संघर्ष यात्रा आरंभ

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुम्बई के आजाद मैदान से मुम्बई-दिल्ली संघर्ष यात्रा का आरंभ हुआ। दिल्ली मुंबई औद्योगिक…

दिल्ली – मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

दिल्ली मुबंई औद्योगिक गलियारा प्रोजेक्ट भारत की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है। यह प्रोजेक्ट भारत और जापान सरकार के संयुक्त प्रयास से बन रहा है। इस कॉरिडोर को बनाने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य निवेश और व्यापार को बढ़ाना है। इसके पहले फेस पर तकरीबन 100 अरब डॉलर का खर्च आने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिसके लिए लिए सरकार…
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‘1885 के बाद अफ्रीका को लूटने का यह नया सिलसिला है’

पिछले दिनों जर्मनी में ‘एफेक्टिव कोऑपरेशन फॉर ए ग्रीन अफ्रीका’ के जर्मनी में आयोजित पहले अधिवेशन में ओबांग मेथो…

मंत्री जी, देश की वनभूमि पर कारपोरेट का जंगलराज कायम हो गया है !

देश आज उस मुहाने पर खड़ा है जहां या तो जंगल बचाने वाले आदिवासी बचेंगे, या जंगलराज लाने वाले कारपोरेट. देश का क़ानून और संविधान कारपोरेट हितों का अभयारण्य बन गया है. वनभूमि-हस्तांतरण को रोकने के लिए 2006 में क़ानून तो बना, लेकिन जब इसे लागू करने के लिए ज़रूरी राजनीतिक इच्छाशक्ति कंपनियों के आगे घुटने टेक देती हो तो हिमाचल हो या ओडीसा, छत्तीसगढ़ हो…
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दामिनी बलात्कार और समाज व्यवस्था

दामिनी की सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ में मौत हो चुकी है। लम्बे समय तक सफदरजंग अस्पतला में उसका इलाज चला लेकिन दामिनी की हातल गंभीर होती चली गयी अंत में दामिनी को सिंगापुर भेजना पड़ा। इससे यह स्पष्ट है कि भारत सरकार का स्वास्थ्य के प्रति कितनी उदासीन है। हथियारों पर लाखों करोड़ खर्च करने वाली सरकार के पास आंतों के प्रत्यारोपण के लिए कोई बजट ही नहीं…
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