संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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हरियाणा

मानेसर स्थित अस्ति इलेक्ट्रोनिक्स कंपनी के मज़दूरों का संघर्ष तेज

हरियाणा के मानेसर में आज (9 दिसम्बर 2014) सुबह अस्ति इलेक्ट्रोनिक्स कंपनी के कारखाने के स्थायी मज़दूरों ने हड़ताल की घोषणा कर कंपनी परिसर के अंदर बैठने का फैसला लिया है| कंपनी के 310 ठेका मज़दूर पहले से ही उनके अन्यायपूर्ण निष्कासन के विरोध में कारखाने के गेट के बहार 1 नवंबर 2014 से धरने पर बैठे हुए हैं| कंपनी परिसर के अंदर और गेट पर भारी संख्या…
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काले हिरणों की मौत के जिम्मेवार परमाणु संयंत्र -प्रशासनिक अधिकारियों पर मुकदमा…

भारत सरकार ने गोरखपुर हरियाणा अणु विद्युत परियोजना के लिए 2010 से गांव गोरखपुर में 1313 एकड़ एवं गांव बड़ोपल…

विदेशी निवेश रिझाने की चूहेदानी पर लटकी ज़िंदगियाँ: निरपराध बंदी मारूति-सुज़ुकी के…

पत्रकार नेहा दीक्षित ने भोंडसी जेल में दो साल से बिना अपराध बंद मारुती-सुज़ुकी के मजदूरों का हाल अपनी रिपोर्ट में…

ग्रीन ट्रिब्युनल ने गोरखपुर परमाणु संयंत्र पर माँगा जवाब, सुनवाई शुरू

गुजरी 12 मार्च 2014 को राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्युनल के माननीय जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली मुख्य बैंच ने फतेहाबाद के गांव गोरखपुर में बनने वाले परमाणु संयंत्र को पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा हाल ही में दी गई पर्यावरण मंजूरी के खिलाफ याचिका संख्या 8/2014 पर सुनवाई करते हुए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, भारत सरकार,न्युक्लियर…
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गोरखपुर परमाणु संयंत्र के विरोध में तीन दिवसीय यात्रा

हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गोरखपुर गाँव में प्रस्तावित गोरखपुर परमाणु प्लांट के विरोध में देश व प्रदेश के सभी…

मारुति सुजुकी वकर्स पदयात्रा : जुल्मी कब तक जुल्म करेगा शोषण़ के हथियारों से, हम भी उसको ध्वस्त करेंगे एकताबद्ध कतारों से

अन्याय के विरुद्ध मारुति सुजुकी वकर्स यूनियन की 15 जनवरी को कैथल जिला सचिवालय हरियाणा के सामने से शुरू हुआ ‘जनजागरण यात्रा’ 23 जनवरी 2014 को रोहतक पहुची। रोहतक शहर में पदयात्रा रोहतक बस स्टैंड, लघु सचिवालय, और मंससोवर पार्क होकर शहर में अपना प्रचार करते हुए गयी। दो नुक्कड़ सभा को संबोधित करके यूनियन ने हरियाणा मुख्यमंत्री…
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प्रधानमंत्री जी: यह आधारशिला विनाश को न्यौता हैं !

करीब 2 करोड़ की आबादी वाले दिल्ली महानगर से महज 150 कि.मी. की दूरी पर किसी परमाणु संयंत्र (देश का सबसे बड़ा) की…

फतेहाबाद को फुकुशिमा बनाने की जिद्द !

गुजरी 13 जनवरी को हरियाणा के फतेहाबाद में ग्रामीणों के विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री द्वारा गोरखपुर में परमाणु…

कितना खतरनाक है परमाणु संयंत्र ?

जिस पदार्थ की राख या बचा हुआ हिस्सा रेडियोधर्मी होकर अगले ढाई लाख वर्षों तक जहरीला बना रहे, ऐसे पदार्थ के जहरीलेपन की सीमा की कल्पना भी नहीं की जा सकती। भारत में पिछले कुछ वर्षों से ऊर्जा के क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा को लेकर सुनहरे सपने दिखाए जा रहे हैं। यह आलेख परमाणु ऊर्जा के खतरों के बारे में है। पानी-पर्यावरण पर होने वाले प्रभावों को…
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