संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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राज्यवार रिपोर्टें

महानवासियों ने शुरु किया वन सत्याग्रह

महान संघर्ष समिति का एलान- एस्सार महान छोड़ो ! गुजरी 27 फरवरी 2014 को मध्यप्रेदश के सिंगरौली स्थित महान क्षेत्र के 12-14 गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने महान जंगल में प्रस्तावित खदान के लिए पर्यावरण मंत्री वीरप्पा मोईली द्वारा एस्सार कम्पनी को दिए गए दूसरे चरण के क्लियरेंस के विरोध में अमिलिया में महान जंगल बचाओ जनसम्मेलन आयोजित…
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गोरखपुर परमाणु संयंत्र के विरोध में तीन दिवसीय यात्रा

हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गोरखपुर गाँव में प्रस्तावित गोरखपुर परमाणु प्लांट के विरोध में देश व प्रदेश के सभी…

चुटका परमाणु प्लांट के विरोध में भोपाल एवं दिल्ली में दस्तक !

विकास चाहिए, विनाश नहीं नर्मदा घाटी करे सवाल, जीने का हक या मौत का जाल ? गुजरी 17 फरवरी 2014 को मध्य प्रदेश सरकार…

दलित आर्थिक अधिकार यात्रा : अनुसूचित जाति उपयोजना को लागू करों !

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के चार ब्लाकों में दलित अधिकार आंदोलन तथा नेशनल कैम्पेन ऑन दलित ह्यूमन राइट के बैनर तले अनुसूचित जाति उपयोजना (SCSP) के क्रियान्वयन हेतु 15 से 25 फरवरी, 2014 तक दलित आर्थिक अधिकार यात्रा निकाली गई। दलित आर्थिक अधिकार यात्रा ने 10 दिनों में 150 गाँवों से गुजरते हुए पांच हजार लोगों से…
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महान जंगल बचाने के लिए सत्याग्रह का एलान

सिंगरौली, 24 फरवरी 2014। महान संघर्ष समिति ने घोषणा किया है कि वे लोग पर्यावरण व वन मंत्रालय के द्वारा दूसरे चरण…

चुटका परमाणु ऊर्जा परियोजना : लाठ्ठी एवं बंदूक के साये में जनसुनवाई की नौटंकी

चुटका परमाणु विद्युत परियोजना पर 17 फरवरी 2014 को मानेगांव, जिला-मण्डला (मध्य प्रदेश) में बंदूक के साये में…

पोस्को और राज्य सत्ता को कड़ी टक्कर देते ग्रामीण

गुजरी 16 फरवरी, 2014 को उड़ीसा के जगतसिंगपुर के नुआगांव के स्थानीय लोगों ने पोस्को के विरोध में एक बड़ी कार्यवाही करते हुए पॉस्को के लिए बनाई गई 180 मीटर की गैर कानूनी दीवार को गिरा दिया हैं। पॉस्को ने इस दीवार का निर्माण करते समय ग्रामीणों के विरोध के बावजूद उस केस को भी नजरअंदाज किया था जो कि नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल में दर्ज था, ग्रीमीणों ने…
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आगरा – लखनऊ एक्सप्रेस वे खिलाफ जनसंगठनों की लामबंदी तेज

गुजरी 11 फरवरी, 2014 को बसपा, कांग्रेस और भाकियू ने उत्तर प्रदेश के चौपुला में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के विरोध…

आखिर किसानों के दर्द को कौन समझेगा ?

देश की राजधानी से मुश्किल से 50 कि.मी. की दूरी (जिला कलैक्ट्रेट परिसर, गौतमबुद्ध नगर) पर किसान अपनी ज़मीन बचाने के लिए लगातार 01 जनवरी 2014 से आमरण अनशन पर बैठे है। इन किसानों की उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम, अम्बुजा सीमेन्ट, बिरला सीमेन्ट, अंसल बिल्डर विभिन्न संगठनों, पत्रकारों व बुद्धिजीवियों ने आकर दिया समर्थन, मधुरेश,…
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