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राज्यवार रिपोर्टें
मारूति मजदूरों के आन्दोलन पर सरकारी दमन
जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिये चल रहे संघर्षों में जिस तरह संघर्षरत जनता और
उनके समर्थकों को चुन-चुन कर पकड़ा जाता है या मार दिया जाता है उसी तर्ज
पर हरियाणा में भुपेन्द्र हुड्डा की सरकार शांति पूर्वक धरने पर बैठे मजदूरों को ही
नहीं बल्कि उनके परिवार तथा उन्हें समर्थन दे रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं और
बुद्धिजीवियों को भी चुन-चुन कर गिरफ्तार कर…
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उत्तराखंड को बचाने की जद्दोजहद
उत्तराखंड को भारत का ''वाटर टैंक'' कहा जाता है और अब वहां 500 से अधिक बांधों के निर्माण की योजना बन रही है। वैसे…
चुटका परमाणु परियोजना के विरोध में धरना
चुटका परमाणु परियोजना और भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के खिलाफ अनेक जन-संगठनों, राजनीतिक दलों और बुद्धिजीवियों ने…
खतरों के बावजूद सरकार हम पर परमाणु संयत्र थोप रही है -चुटका परमाणु संघर्ष समीति
विकास के नाम पर बने बांध से विस्थापन का दंश झेल चुके चुटका, टाटीघाट, कुण्डा और अन्य गांवो के बहादूर और विस्थापन - विरोधी संघर्ष की प्रेरणा से लैस लोगो ने सरकार की साजिश को अच्छी तरह समझ लिया है। यही वजह है कि पिछले कई सालों से वे लगातार परियोजना का विरोध कर रह है। लेकिन वैशिव्क पूंजी के हितों को आगें रखने वाली सरकार धूर्ततापूर्ण और तेज कदम बढ़ा रही…
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चुटका परमाणु पॉवर प्लांट पर्यावरणीय प्रभाव पर जन-सुनवाई रोकने में राज्यपाल पहल…
जबलपुर। चुटका परमाणु विद्युत परियोजना मध्यप्रदेश के पांचवीं अनुसूचि वाले क्षेत्र में प्रस्तावित की जा रही है।…
पुलिस की बर्बरता: कहानी इतनी आसान नहीं
देश के आमजन पर पुलिस बर्बरता सिर्फ सिपाहियों की भर्ती प्रक्रिया में हुई धांधली की वजह से है या फिर इसका…
देश भर में चल रहे जल, जंगल, ज़मीन, अस्मिता और अधिकारों के संघर्षों पर सरकार लगाम कसना चाहती है: चितरंजन सिंह
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा इंडियन सोशल ऐक्शन फोरम (इंसाफ) का विदेशी अनुदान पंजीकरण (एफसीआरए) अगले 180 दिनों के लिए रद्द किए जाने और बैंक खाता सील किए जाने कं मद्देनजर इंसाफ द्वारा प्रेस क्लब, नई दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित किया गया, प्रो. अचिन विनायक, सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी और इंसाफ के महासचिव चितरंजन सिंह ने संबोधित…
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कुडनकुलम: सर्वोच्च न्यायालय में जनता की अवमानना
अपने हक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे देश के लोगों का इस तरह के मामलों में सर्वोच्च न्यायालय से गुहार लगाना…
प्राकृतिक संसाधनों पर हक किसका ?
गुजरी 18 अप्रैल 2013 को सुप्रीम कोर्ट की ओर से फैसला आया कि वेदांता कम्पनी को उड़ीसा के नियामगिरी की पहाड़ियों में…
वाह री सरकार ! कारपोरेट हित में विदेशी निवेश को बढ़ावा, जनहित में विदेशी अनुदान पर ताला
'इंसाफ' इस देश में जल जंगल ज़मीन को लेकर चल रहे आन्दोलनों को मजबूत करने वाला एक साहसिक संगठन रहा है जिस पर 30.04.2013को सरकारी दबिश हुई और इसका बैंक अकाउंट फ्रीज़ कर दिया गया है. हाल में एडीबी के विरोध में मोर्चा लेने के क्रम में यह दमन सामने आया है. यहां इंसाफ का खाता दोबारा चालू होना और उसके एफसीआरए पर लगी बंदिश का हटाया जाना उतना प्राथमिक नहीं…
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