संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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राज्यवार रिपोर्टें

मुलताई गोली कांड : रामू पवार बैतूल जेल से रिहा

गुजरी 5 अप्रैल को मुलताई गोली कांड में रामू पवार को भी जमानत मिल गई है ज्ञात रहे कि मुलताई गोली चालन से जुड़े तीन प्रकरणों में अक्तूबर 2012 में प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा डॉ. सुनीलम्, प्रहलाद अग्रवाल, शेषराव सूर्यवंशी तथा रामू पवार को सजा सुनाई गई थी। डॉ. सुनीलम्, प्रहलाद अग्रवाल एवं शेषराव सूर्यवंशी को 16 फरवरी को जमानत पर…
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यह आत्महत्या नहीं, हत्या है : जाँच दल

राजस्थान के झुंझनू जिले में अवैध खनन का विरोध कर रहे वतंत्रता सैनानी ताड़केश्वर शर्मा के पौत्र प्रदीप शर्मा की…

कटवरिया सराय के रेहड़ी-पटरी दुकनदारों पर पुलिसिया दमन

होली पर्व से पहले लोग खुशियों से लबरेज होते हैं, काफी दिन पहले से ही लोग इस त्यौहार को मनाने की तैयारी में लगे…

साइकिल पर कमल सजाने की तैयारी

उत्तर प्रदेश में मुस्लिम विरोधी हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर आदियोग की रिपोर्ट; फ़िरक़ापरस्त ताक़तें हमेशा इस ताक में रहती हैं कि उनके हाथ ऐसा कोई मौक़ा लग जाये कि नफ़रत की अंधी आग भड़का दी जाये। मथुरा ज़िले के कोशी कलां क़स्बा में यही हुआ। बात बहुत मामूली सी थी लेकिन उसे इस क़दर उलझाया गया कि देखते-देखते यह छोटा सा क़स्बा हैवानियत का मैदान बन गया। घंटों…
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कूडनकुलम: रिएक्टर चालू होने से पहले ही आशंका के घेरे में, सरकार अड़ी

तमिलनाडु के कूडनकुलम में रूस से आयातित परमाणु बिजलीघर की सुरक्षा प्लांट के शुरु होने से पहले ही आशंकाओं के घेरे में आ गयी है. अणु-ऊर्जा नियमन बोर्ड ने रिएक्टर की सुरक्षा जांच दुहराने के आदेश दिये हैं. यद्यपि रिएक्टर के सन्चालन के लिए जिम्मेवार कम्पनी परमाणु शक्ति कारपोरेशन के अधिकारी और परमाणु ऊर्जा विभाग से जुडे वैज्ञानिक यह दावा कर रहे हैं कि…
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झारखण्ड : जल, जगल, जमीन, खनिज की लूट के विरोध में जनअभियान तेज

विस्थापन विरोधी नवनिर्माण मोर्चा के आहवान पर 10 मार्च 2013 से आरम्भ होनेवाला जन अभियान विभिन्न् जिलो मे प्रचार -…

दिल्ली-मुम्बई कॉरीडॉर : संघर्ष यात्रा में खुली ‘शाईनिंग गुजरात‘ की पोल

अपने पांचवे दिन डीएमआईसी के खिलाफ चल रही मुंबई-दिल्ली संघर्ष यात्रा 13 मार्च को गुजरात पहुंची। मुंबई से 8 मार्च…

जल, जगल, जमीन, खनिज की लूट के विरोध में झारखण्ड में जनअभियान तेज

पूरी दुनिया में प्राकृतिक संसाधनों की लूट मची हुई है। नदी - झरना, खेत-खान, जंगल-पहाड़, सागर-आकाश, हवा-रोशनी सभी पर पूंजीपति कब्जा करतें जा रहे है। किसानों, मजदूरों तथा अन्य सभी मेंहनतकाशों के भोजन, वस्त्र, आवास, शिक्षा, स्वास्थ, पहचान, रोजगार, आत्मसम्मान पर अभूपूर्व हमला हो रहा है। जो अंचल जितना ज्यादा संसाधनों से भरा - पूरा है, वहां उतना ही बड़ा…
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