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राज्यवार रिपोर्टें
जेल से दयामनी बारला की चिठ्ठी
आप सबों को जोहार,
मैंने झारखंड की धरती को कभी धोखा नहीं दिया. झारखंड की जनता के सवालों से कभी समझौता नहीं किया. कोयल नदी, कारो नदी और छाता नदी का बहता पानी इसका साक्षी है. इस धरती के मिट्टी-बालू में अंगुलियों से लिखना सीखा. कारो नदी के तट में बकरी चराते-नदी के पानी में डुबकी लगा कर नहाते तैरना सीखा. आकाश के ओस के बूंदों से नहाये घास-फूस और…
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बर्बर पुलिसिया दमन के विरोध में मध्य प्रदेश भवन पर प्रदर्शन
मेधा पाटकर का छिन्दवाड़ा की जेल में भूख हड़ताल का दूसरा दिन
आज भी नहीं सुनी सिटी मजिस्ट्रेड ने जमानत…
छत्तीसगढ़ को लूटने का राज्योत्सव
अदम के शेरअदम का मतलब है वंचित। अदम गोंडवी सचमुच पूरी उम्र अभाव और ग़रीबी में जिये- अदम थे, अदम ही रहे। वे कुल…
उद्योगों के लिए खेती पर हमला
छत्तीसगढ़ में खेती संकट में है। नदी और जंगल भी संकट में है। लोगों की हालत बहुत पतली है, लगातार और पतली होती जा रही है। यह उद्योग और उद्योगपतियों की चाकरी करने और अपनी जनता के भले से मुंह मोड़ लेने का नतीज़ा है। पेश है असित दास का यह लेखाजोखा; छत्तीसगढ़ के लोग बहुत गरीब हैं लेकिन यहां की भूमि खनिज सम्पदा और वन के मामले में उतनी ही धनी है। अधिकतर…
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लोकतंत्र रामलीला मैदान में कैद, छिंदवाडा में सरकारी-कारपोरेट राज
छिंदवाडा में सत्याग्रह पर बैठी मेधा पाटकरपिछले तीन दिनों में दिल्ली और छिंदवाडा पर एक साथ नज़र डालें तो यह साफ़ हो…
श्रम शक्ति की लूट के बग़ैर कोई मुनाफ़ा मुमकिन नहीं
सस्ते श्रम के दोहन से शुरू होता है लूट, भ्रष्टाचार और विस्थापन और जो अंतत: पूंजी और संसाधनों का केंद्रीयकरण करता…
बन्दूक की नोक पर विकास नहीं होगा….
छिंदवाड़ा में पुलिसिया दमन और गिरफ़्तारियों के बल पर किसान आन्दोलन को दबाने, और किसानों को उजाड़ने का विरोध तेज हुआ
मेधा पाटकर, आराधना भार्गव और अन्य 23 गिरफ्तार अन्दोलनकारियों को तत्काल रिहा करों!
4 नवम्बर की रात को मेधा पाटकर सहित 23 अन्य की छिंदवाडा में हुई गिरफ्तारी से स्पष्ट हुआ है कि “ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट” के सुन्हेरे…
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मज़दूरों की सुरक्षा की आपराधिक अनदेखी
प्रगतिशील सीमेंट श्रमिक संघ के अध्यक्ष भगवती साहू उद्योग प्रभावित किसान संघ में भी सक्रिय हैं। अभी वह साढ़े तेरह…
सुनिये क़रीब आती बदलाव की आहट…
श्रमिक के चुनिंदा शेरउम्र की तीन चौथाई सदी पार कर चुके शायर कमल किशोर ‘श्रमिक’ कानपुर में ही पैदा हुए, यहीं पले-बढ़े…
पेंच व्यवर्तन परियोजना: संघर्ष जारी और जरुरी हैं – मेधा पाटकर
छिंडवाड़ा जिले में पेंच नदी पर 41 मीटर का बड़ा बांध केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ जी के चुनाव क्षेत्र में राज्य और केन्द्र शासन मिलकर बिना मंजूरी के बना रहे हैं। इसके खिलाफ संघर्ष सीमा पार पहुंचा है। इस परियोजना के क्षेत्र के 31 गांव डूब क्षेत्र में आ रहे हैं, लगभग 5600 हेक्टेयर भूमि जो कि किसानों की है इसमें से अधिकांश किसानों की भूमिअर्जन का कार्य पूरा…
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