.
राज्यवार रिपोर्टें
हरियाणा में किसानों ने परमाणु ऊर्जा को नकारा, फर्जी जनसुनवाई हुई बेनकाब
17 जुलाई को फतेहाबाद जिले के गोरखपुर गाँव में आयोजित जनसुनवाई शुरू होने के चालीस मिनट के अंदर ही ग्रामीणों के विरोधस्वरूप बंद कर दी गयी और इसमें शामिल अफसर भाग खड़े हुए. यह जनसुनवाई प्रस्तावित गोरखपुर परमाणु परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों के मूल्यांकन पर बहस के लिए रखी गयी थी.
पर्यावरणीय जनसुनवाइयों के आयोजन के लिए ज़रूरी हर कानूनी और…
और पढ़े...
भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसान का आत्महत्या का प्रयास
फतेहाबाद जिले के गोरखपुर गांव में प्रस्तावित परमाणु संयंत्र के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसान बदलू राम…
विदेशी बाजे के शौक़ीन हमारे हुक़्मरान
डा. राजेंद्र प्रियदर्शी लखनऊ में रहते हैं और जाने-माने परमाणु भौतिकविद हैं। उन्होंने 1955 से 1960 तक स्टाकहोम…
पॉस्को परियोजना रद्द करो ! भारत को आजाद करो !
22 जून, 2012 को पॉस्को और सरकार के बीच समझौते पर हस्ताक्षर करने के 7 वर्ष पूरे होने के मौके पर पॉस्को प्रतिरोध संग्राम समिति ने पटनाहाट एवं बालितिथा में पोस्को के विरोध में दो जनसभाओं का आयोजन किया। वक्ताओं ने कहा कि अगले दो महीनों में, भारत की आजादी के 65 वर्ष पूरे हो जाएंगे। हम उन लोगों को याद करने को मजबूर हो जाएंगे जिन्होंने हमारी आजादी के लिए…
और पढ़े...
धीरेंद्र प्रताप सिंह की याद में संघर्ष उत्सव
प्रिय साथी,
आप जानते हैं कि अपने जुझारू और चिंतनशील साथी धीरेंद्र प्रताप सिंह अब हमारे बीच नहीं है, पिछली 24 अप्रैल…
करछना पॉवर प्लांट का भूमि अधिग्रहण रद्द: इलाहाबाद हाई कोर्ट
हाईकोर्ट ने 13 अप्रैल 2012 को करछना में प्रस्तावित जेपी ग्रुप के थर्मल पॉवर प्लांट के लिए भूमि का अधिग्रहण रद्द करते हुए कहा कि किसानों को मुआवजा लौटाना होगा, इसके बाद उनकी जमीनें वापस कर दी जाएं। वहीं बारा पॉवर प्रोजेक्ट के मामले में किसानों की याचिका को खारिज कर दिया। दोनों ही मामलों में भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली अवधेश प्रताप सिंह और…
और पढ़े...
जेपी कंपनी को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की मिली सबसे बड़ी सजा
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने 4 मई 2012 को एक महत्वपूर्ण फैसले में जेपी कंपनी के बघेरी (नालागढ़) स्थित थर्मल पॉवर…
कूडनकुलम: परमाणु संयंत्र विरोधी आंदोलन
11 मई 2012 को कूडनकुलम में चल रहे क्रमिक अनशन के तीन सौ दिन पूरे हो गए. अपनी ताजा घोषणा में भारतीय परमाणु ऊर्जा…
कांके-नगड़ी में भूमि अधिग्रहण के विरोध में स्थानीय आदिवासियों का संघर्ष
कांके-नगड़ी में सरकार जमीन अधिग्रहण कानून 1894 के तहत 1957-58 में राजेंन्द्र कृर्षि विश्वविद्यालय के विस्तार के लिए 227 एकड़ जमीन अधिग्रहण का विरोध राईयतों द्वारा 1957-58 से लेकर आज तक जारी हैं। वर्तमान सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन के साथ ही राईयतों ने विरोध करना शुरू किया। ग्रामीणों के विरोध के कारण ही सरकार जमीन का अधिग्रहण नहीं कर…
और पढ़े...