.
राज्यवार रिपोर्टें
किसानों को बर्बाद कर देंगे कृषि कानून : विरोध में लाखों किसानों का दिल्ली में…
किसान और किसानी को बर्बाद करने के लिए लाए गए हैं कृषि विधेयक
पूंजी पतियों को लाभ पहुंचाएंगे तथा किसानों को मजदूर…
भारत बंद : नए कृषि कानूनों के खिलाफ फिर सड़कों पर उतरे किसान, 26-27 नवंबर 2020 को…
नए कृषि कानूनों के विरोध में देश के कई हिस्सों में किसान सड़कों पर उतरकर रास्ता रोक रहे हैं
मोदी सरकार द्वारा लाये…
किसान संगठनों का 5 को चक्का जाम और 26-27 नवम्बर को दिल्ली चलो का आह्वान
5 नवम्बर 2020 को "देशव्यापी चक्का जाम" और 26-27 नवम्बर को "दिल्ली चलो" का किसान संगठनों का आह्वान मोदी सरकार के खेती सम्बन्धी तीन कानून और प्रस्तावित बिजली बिल के खिलाफ देश के 400 से ज्यादा किसान संगठनों ने 5 नवम्बर को 12 बजे से 4 बजे तक देशव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया है। साथ ही 26-27 नवम्बर दिल्ली चलो आह्वान के तहत लाखों किसान दिल्ली मार्च…
और पढ़े...
मध्य प्रदेश : 40 फीसदी जंगल निजी कंपनियों को देने का फैसला
madhya pradesh gov. decision to
कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ देश भर के 250 किसान संगठनों ने किया 26-27 नवम्बर 2020 को ‘दिल्ली कूच’ का ऐलान
दिल्ली 29 सितम्बर 2020। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समीति (एआईकेएससीसी) ने मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ बड़े अभियान का ऐलान किया है। एआईकेएससीसी ने देश के सभी किसानों से 25-26 नवम्बर को ‘दिल्ली चलो’ का आह्वान किया है। एआईकेएससीसी ने ऐलान किया है कि देशभर के किसान 2 अक्टूबर को उन पार्टियों व जनप्रतिनिधियों के बहिष्कार का संकल्प लेंगे,…
और पढ़े...
14 साल बाद : वनाधिकार कानून के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत
वन अधिकार कानून 2006 के प्रस्तावना में उल्लेख है कि औपनिवेशिक काल के दौरान तथा स्वतंत्र भारत में राज्य वनों को…
किसानों की हाड़तोड़ मेहनत और सरकार की उदासीनता से बर्बाद होता आनाज
देश भर में इस साल 3 करोड 36 लाख हैक्टेयर में गेहूँ की बुआई हुईं थी। मध्यप्रदेश में इस साल 55 लाख हैक्टेयर से अधिक भूमि पर गेहूं बोया गया था। गेहूं उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और पंजाब को भी पीछे छोड़ दिया है। 1 करोड़ 29 लाख 34 हजार 588 मेट्रिक टन गेहूं 4529 खरीदी केंद्रों के माध्यम से खरीदी किया गया है। सरकार का दावा है…
और पढ़े...